Up Board Class 10 English Chapter -3 TORCH BEARERS FULL SOLUTION सम्पूर्ण पाठ के प्रश्न और उत्तर सहित, paragraph पर आधारित प्रश्न उत्तर ,


Part I

Q1: What was the problem with the old merchant? How did he solve it?
(बूढ़े व्यापारी की क्या समस्या थी? उसने उसे कैसे हल किया?)

Ans: An old merchant worked hard and earned a lot of money. He had two sons. When he grew old, he had a problem whom he should give the money. He did not want to divide his money between the two sons. He wanted to give all his money to the son who proved himself to be cleverer of the two. He decided to solve this problem by giving them a test. He gave one rupee to each of his sons.

He asked them to go separately and buy something which would fill the house. Both the sons were reluctant which would fill the house. But the old man insisted on their doing as he told them. So each young man took up a rupee and went out. The first son bought a cart with load of hay. But it was not enough to cover ever the floor. The second son bought several candles for one rupee. When he reached home it was going dark. He stood two or thru candles in each room and lit them. At once the whole house was filled with light. The old merchant was pleased with this wisdom. So he gave all his money to his second son.


(एक बूढ़े व्यापारी ने कठिन परिश्रम किया और काफी धन कमा लिया। उसके दो बेटे थे। जब वह बूढ़ा हुआ तो उसके सामने यह समस्या थी कि वह धन किसको दे। वह अपने धन को दोनों बेटों में बाँटना नहीं चाहता था। वह अपना सारा धन उस बेटे को देना चाहता था जो अपने आपको दोनों में अधिक चतुर सिद्ध कर दे। उसने इस परीक्षा का समाधान उनकी एक परीक्षा लेकर करने का निश्चय किया। उसने अपने दोनों बेटों को एक-एक रुपया दिया।

उसने उन्हें अलग-अलग जाने और कुछ ऐसी चीज खरीदने के लिए कहा जिससे घर भर जाए। दोनों बेटे ऐसा करने के लिए अनिच्छुक थे। किंतु बूढ़े व्यक्ति ने उन्हें वैसा ही करने के लिए बाध्य किया जैसा इन्हें कहा गया था। इसलिए प्रत्येक नवयुवक ने रुपया उठाया और बाहर चला गया। पहले बेटे ने भूसे से भरी हुई गाड़ी खरीदी। किंतु यह फर्श ढकने के लिए भी पर्याप्त न था। दूसरे बेटे ने एक रुपये में बहुत सारी मोमबत्तियाँ खरीद लीं। जब वह घर पहुँचा, अँधेरा हो गया था। उसने प्रत्येक कमरे में दो या तीन मोमबत्तियाँ रख दी और उन्हें जला दिया। तुंरत ही सारा घर प्रकाश से भर गया। बूढ़ा व्यापारी उसकी बुद्धिमानी से खुश हुआ। उसने अपना सारा धन अपने दूसरे बेटे को दे दिया।)


Q2: Compare the characters of the first and the second son of the merchant.
(व्यापारी के पहले तथा दूसरे बेटे के चरित्र की तुलना कीजिए।)

Ans: We can compare the characters of the first and the second son of the merchant in the following manner:

(i) When merchant asked his sons to buy something which might fill the whole house then the first son
went directly to the market to serve his purpose while the second son didn’t go to the market
directly, for a long time he sat thinking about what he possibly could buy.

(ii) The first son bought a cart of hay for his rupee while the second son bought candles for his rupee.

(iii) The first son piled the hay into the house, but it was not enough to cover the floor. On the other hand
the second son stood two or three candles in each room and lit them. The whole house was at once
filled with light. It proved that the first son was not so clever as the second son was. Therefore, The merchant gave all
his money to his second son.

(हम व्यापारी के पहले तथा दूसरे बेटे के चरित्र की तुलना निम्न प्रकार कर सकते हैं(i) जब व्यापारी ने अपने बेटों से कोई ऐसी वस्तु खरीदने के लिए कहा, जिससे पूरा घर भर जाए तो पहला बेटा अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए सीधा बाजार चला गया जबकि दूसरा बेटा सीधा बाजार नहीं गया। वह काफी समय तक बैठा हुआ यह
सोचता रहा कि उसके लिए क्या खरीदना संभव हो सकेगा।

(ii) पहले बेटे ने अपने रुपये से भूसे की गाड़ी खरीदी जबकि दूसरे बेटे ने अपने रुपये से मोमबत्तियाँ खरीदीं।

(iii) पहले बेटे ने भूसे का ढेर मकान में लगा दिया, परंतु वह भूसा फर्श तक ढकने के लिए पर्याप्त नहीं था। दूसरी तरफ दुसरे
बेटे ने प्रत्येक कमरे में दो या तीन मोमबत्ती रख दी और उन्हें जला दिया। तुरंत ही सारा घर प्रकाश से भर गया। इससे यह सिद्ध हुआ कि पहला बेटा दूसरे बेटे जितना बुद्धिमान नहीं था। इस प्रकार व्यापारी ने अपना सारा धन अपने
दूसरे बेटे को दे दिया।)

Q3 : What are the different powers that we are blessed with? How can we utilize these powers to
enlighten our nation?

(हमें कौन-कौन सी भिन्न शक्तियाँ दी गई हैं? हम इन शक्तियों का प्रयोग अपने देश को प्रकाशित करने में कैसे कर सकते
हैं?)

Ans: We are blessed with powers of body, powers of mind and powers of character. Each one of us has
strength, time and intelligence. Proper and thoughtful use of these powers makes us good citizens. A good citizen is the centre of light wherever he lives and whatever he does. So we can use these powers to spread light over all parts of our country by becoming good citizen

(हमें शारीरिक शक्ति, मस्तिष्क की शक्ति तथा चरित्र की शक्तियाँ दी गई हैं। हममें से प्रत्येक के पास शक्ति, समय तथा बुद्धि

यदि हम इनका उचित और विवेकशील प्रयोग करें, तो हम अच्छे नागरिक बन सकते हैं। एक अच्छा नागरिक जहाँ कहीं भी रहता और जो कुछ भी करता है; सदैव ज्ञान का केंद्र होता है। अत: हम अपनी इन शक्तियों का प्रयोग अच्छे नागरिक बनकर
देश के प्रत्येक भाग को आलोकित करने में कर सकते हैं।

Q4: What are the responsibilities of students at school, at home and afterwards for their country?
(विद्यार्थियों की स्कूल में, घर पर और उसके बाद अपने देश के लिए क्या जिम्मेदारियाँ होती हैं?) While the students are at school, they should train themselves in citizenship and cultivate the characteristics of good citizens. While at home, the responsibilities of students are to use the powers of their body, mind and character judiciously and properly. As, they leave school, the students have to pass on their knowledge and skill to others by using them in the service of their country. They should further train themselves for citizenship and for service of their country.

(विद्यालय में विद्यार्थियों को चाहिए कि वे स्वयं को अच्छा नागरिक बनाने की शिक्षा लें तथा अपने अंदर एक अच्छे नागरिक के गुणों का समावेश करें। घर पर विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी शारीरिक, मानसिक एवं चारित्रिक शक्तियों का विवेकपूर्ण व उचित तरीके से सदुपयोग करें। विद्यालय छोड़ने के बाद विद्यार्थियों को चाहिए कि पाठशाला में प्राप्त ज्ञान एवं कौशल को दूसरों को सौंपते चलें और देश की सेवा में भागीदार बनें। उन्हें श्रेष्ठ नागरिक बनकर अपने आपको देश की सेवा के प्रति अर्पित कर देना चाहिए।)

Q5: Give a brief character sketch of the old merchant.
(बूढ़े व्यापारी का संक्षिप्त चरित्र-चित्रण कीजिए।)

Ans: Introduction: The old merchant worked hard all his life, buying and selling things. Its result was that
he had earned a lot of money and had become rich. Good patron of his money: One day the merchant felt that he had not long to remain in this world and his end was near. He felt the need of disposing his money before death. He was a good patron of his money. He did not want to give it to the son who could not use wisely. So he gave them a test. Impartiality: The old merchant was impartial father. He gave one rupee to each of the sons to purchase anything to fill the house. According to condition his second son filled the house to let the candles with light and proved himself wiser than first son. So, the old merchant gave his all money to the second son.

Conclusion: With the above description it proves that the old merchant was very hard worker, impartial and honest man.

(प्रस्तावना- बूढ़े व्यापारी ने पूरे जीवन वस्तुओं को खरीदने और बेचने में कठिन परिश्रम किया। इसका परिणाम यह हुआ कि उसने काफी धन कमा लिया तथा वह धनवान बन गया। अपने धन का अच्छा संरक्षक- एक दिन व्यापारी ने अनुभव किया कि वह इस संसार में अधिक समय तक न रह सकेगा
और उसका अंत निकट है। उसने अपनी मृत्यु से पूर्व अपने धन का प्रबंध करने की आवश्यकता अनुभव की। वह अपने धन का अच्छा संरक्षक था। वह उसे अपने उस बेटे को नहीं देना चाहता था जो उसका बुद्धिमतापूर्वक प्रयोग न कर सके। इसलिए उसने उनकी परीक्षा ली। निष्पक्षता- बूढ़ा व्यापारी एक निष्पक्ष पिता था। उसने प्रत्येक बेटे को एक-एक रुपया कुछ खरीदारी के लिए दिया, जिससे घर भर जाए। शर्त के अनुसार उसके दूसरे पुत्र ने मोमबत्तियाँ जलाकर प्रकाश से घर को भर दिया और अपने को पहले पुत्र से अधिक बुद्धिमान सिद्ध कर दिया। अत: बूढ़े व्यापारी ने अपना सारा धन दूसरे पुत्र को दे दिया। निष्कर्ष- उपर्युक्त विवरण से स्पष्ट होता है कि बूढ़ा व्यापारी बहुत ही परिश्रमी, निष्पक्ष तथा ईमानदार व्यक्ति था।)

Part II

Q1: Narrate the story of Guru Nanak and Mardana in your own words.
(गुरु नानक तथा मरदाना की कहानी अपने शब्दों में लिखिए।) ।

Ans: Once Guru Nanak and his disciple, Mardana came to a village. They wanted to stay there for the night.
But the villagers were rude and inhospitable. They did not let them stay anywhere in the village. So Guru Nanak and Mardana were forced to spend the night in the open. Guru Nanak wished that the people of that village should stay in that village. Mardana was somewhat puzzled, but said nothing. The next night they came to another village.

The villagers welcomed them, treated them kindly and found them a place to stay there for the night. They gave them food to eat. Guru Nanak wished that the people of the second village should be scattered over the country. But this was too much for Mardana. He protested. Guru Nanak replied, “It is better for those inhospitable and selfish people to stay in one place where they can do harm in one place only. But these good people have something which is needed everywhere. Hence they ought to be scattered so that they can take their light to other places.”

(एक बार गुरु नानक और उनका शिष्य मरदाना एक गाँव में आए। वे रात्रि के लिए वहाँ ठहरना चाहते थे। किंतु गाँव वाले असभ्य और अतिथि सत्कार न करने वाले थे। उन्होंने उन्हें गाँव में कहीं भी ठहरने नहीं दिया। इसलिए गुरु नानक और मरदाना खुले में रात बिताने के लिए मजबूर हो गए। गुरु नानक ने इच्छा प्रकट की कि उस गाँव के लोग उसी गाँव में ठहरे रहें। मरदाना थोड़ा सा भ्रमित हुआ, किंतु उसने कुछ नहीं कहा।। अगली रात वे दूसरे गाँव में आए।

गाँव वालों ने उनका स्वागत किया, उनके साथ अच्छा व्यवहार किया और उन्हें रात्रि विश्राम के लिए स्थान दिया। उन्होंने उन्हें खाने के लिए भोजन दिया। गुरु नानक ने इच्छा प्रकट की कि दूसरे गाँव के लोग सारे देश में फैल जाए। किंतु मरदाना के लिए यह बहुत बड़ी बात थी। उसने विरोध किया। गुरु नानक ने उत्तर दिया, “यह अच्छा है कि वे अतिथि सत्कार न करने वाले और स्वार्थी लोग एक ही स्थान पर ठहरे रहें, जिससे कि वे केवल एक ही स्थान पर नुकसान कर सकें। किंतु ये अच्छे लोग कुछ ऐसी चीजें रखते हैं जिनकी सब स्थानों पर आवश्यकता है। इसलिए उन्हें सभी जगह फैल जाचाहिए जिससे कि वे अपने प्रकाश को सभी स्थान पर ले जा सकें।)”

Q2: What is the moral of the story of Guru Nanak and Mardana?
(गुरु नानक और मरदाना की कहानी से क्या शिक्षा मिलती है?)

Ans: Guru Nanak wished rude and inhospitable people to stay in the same village. Thus evil will not spread to other places. He wished good people to be scattered all over the country. Thus their goodness will spread everywhere in the country. In the same way, each of us have been powers of body, mind and character. As we leave school, we are tested as to how we are going to use these powers. If we use these powers to spread light of knowledge in the whole country, it will be the best service of the country. The progress of the country depends upon good citizens. Our country is like a chain and we are its links. If one of links is weak, the whole chain will be weak. If we are weak and poor citizens, then our country will suffer. So the moral of the story is that we must try to become good citizens and serve our country with full devotion.


(गुरु नानक ने इच्छा प्रकट की कि असभ्य और अतिथि सत्कार न करने वाले लोग उसी गाँव में ठहरे रहें। इस प्रकार बुराई दूसरे स्थानों पर नहीं फैलेगी। उन्होंने इच्छा की कि अच्छे लोग देश में सर्वत्र फैल जाएँ। इस प्रकार उनकी अच्छाई देश के प्रत्येक स्थान पर फैल जाएगी। उसी प्रकार हममें से प्रत्येक को शरीर, मस्तिष्क और चरित्र की शक्तियाँ प्रदान की गई हैं जैसे ही हम स्कूल छोड़ते हैं तो हमारी परीक्षा ली जाती है कि हम इन शक्तियों का प्रयोग किस प्रकार कर रहे हैं। यदि हम इन शक्तियों का प्रयोग सारे देश में ज्ञान फैलाने के लिए करते हैं तो यह देश की सबसे अच्छी सेवा होगी। देश की उन्नति अच्छे नागरिकों पर निर्भर करती है। हमारा देश एक जंजीर की तरह है और हम इसकी कड़ियों की तरह हैं। यदि एक कड़ी कमजोर हो जाती है तो सारी कड़ी कमजोर पड़ जाएगी। यदि हम गरीब और कमजोर नागरिक हैं तो हमारा सारा देश कष्ट भोगेगा। इसलिए इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि हमें अच्छे नागरिक बनने का प्रयास करना चाहिए और पूरी निष्ठा से अपने देश की सेवा करनी चाहिए।)

Q3: Why should good people not stay at one place?
(अच्छे लोगों को एक स्थान पर क्यों नहीं रुकना चाहिए?)

Ans: Good people should not stay at on place. They have some special qualities which is needed everywhere.
Their influence and their character will be benefit to others, wherever they go. So good people should be scattered all over the country. Thus their goodness will be spread everywhere in the country

(अच्छे लोगों को एक स्थान पर नहीं रुकना चाहिए। उनमें से कुछ में विशेष गुण होते हैं, जिनकी प्रत्येक स्थान पर आवश्यकता होती है। उनका प्रभाव एवं चरित्र जहाँ भी वे जाएँगे, उनके लिए लाभदायक होगा। इसलिए अच्छे लोगों को पूरे
देश में बिखर जाना चाहिए। इस प्रकार उनकी अच्छाई देश में प्रत्येक स्थान पर फैल जाएगी।)

Q4: How was the flame carried from Athens to London in 1948? Name the special event that took
place that year.
(1948 में मशाल एथेन्स से लंदन कैसे ले जाई गई? उस वर्ष घटने वाली विशेष घटना को बताइए।)

Ans: The Olymic games used to be held in Athens in times long age. The Olympic flame was to be carried to
London in 1948. The flame was carried from Greece to London in 1948. This flame was carried by a long relay of runners right across Europe. Each runner carried a lighted torch. He ran for a certain distance. At a certain place, a fresh runner was waiting for him. The new runner then lit his torch from the one which had been carried to him. As soon as he had done this, he set out to run with his torch. Every runner had a fresh torch. He lit it from the one brought to him. Thus from runner to runner the flame was carried till it reached London. From the last torch was lit the fire which burnt all the time the games were going on. A special event took place that year. One runner when handing over his torch to a fresh runner, lit it go out.

(प्राचीन समय में ओलम्पिक खेल एथेन्स में हुआ करते थे। ओलम्पिक मशाल 1948 में लंदन के लिए ले जाई जानी थी। सन् 1948 में यह मशाल यूनान से लंदन ले जाई गई। प्रत्येक धावक एक जलती हुई मशाल ले गया। वह निश्चित दूरी तक दौड़ता था। एक निश्चित स्थान पर नया धावक उसकी प्रतीक्षा करता था। फिर वह नया धावक उसकी मशाल से अपनी मशाल जला लेता था, जो उसके पास लाई जाती थी। ज्यों ही वह ऐसा करता था, वह उसे लेकर दौड़ता था। प्रत्येक नए धावक के पास नई मशाल होती थी। वह उसे उस मशाल से जला लेता था, जो उसके पास लाई जाती थी। इस प्रकार एक धावक से अन्य धावक लंदन पहुँचने तक मशाल ले जाते रहे। अंतिम मशाल से वहाँ अग्नि जलाई गई जो खेलों के पूरे आयोजन तक जलती रही। उस वर्ष एक विशेष घटना घटी। एक धावक ने जब अपनी मशाल दूसरे धावक को दी, तो उसकी मशाल बुझ गई।)

Q5: Explain the line, “Agood citizen is the centre oflight.”
(एक अच्छा नागरिक प्रकाश का केंद्र होता है।” पंक्ति की व्याख्या कीजिए।)

Ans: We should grow into such citizens that people will want the light of our character and influence
everywhere. We should not become such a sort of character that people want us to stay in one place, and not to mix with others. We should be good citizens. We should be able to serve our country. We must be carrying light with us wherever we go and not darkness. Our influence on others must be for good. Our lives must be such that our association with other people makes them better. Thus a good citizen is a center of light wherever he lives, and whatever he is doing.

(हमें ऐसा नागरिक बनना चाहिए कि लोग हमारे चरित्र एवं हमारे प्रभाव के प्रकाश को प्रत्येक जगह चाहें। हमें इस प्रकार का
| 59चरित्र नहीं बनना चाहिए, जो लोगों को यह चाहने के लिए विवश करे कि हम एक ही स्थान पर सीमित रहें तथा दूसरों से मिल-जुल न सकें। हमें एक अच्छा नागरिक होना चाहिए। हम अपने देश की सेवा करने के लिए समर्थ हो सकें। हम जहाँ कहीं भी जाएँ हम अपने साथ प्रकाश ले जाएँ न कि अंधकार। दूसरों पर हमारा प्रभाव अच्छा पड़ना चाहिए। हमारा जीवन ऐसा होना चाहिए कि हमारी संगति से अन्य लोग बेहतर बन सकें।
इस प्रकार एक अच्छा नागरिक प्रकाश का केंद्र होता है, चाहे वह कहीं भी रहे और कुछ भी करे।)

Q6: What does the writer mean by saying, “We must be carrying light with us wherever we go?”
(लेखक के कहने का क्या तात्पर्य है कि, “हम जहाँ भी जाएँ हमें अपने साथ प्रकाश ले जाना चाहिए?’)

Ans: “We must be carrying light with us wherever we go.” In this line the writer means that we have to see
that we grow to such citizens that people will want the light of our character and our influence everywhere. We should not become such a sort of character as will make people want us to stay in one place, and not to mix with others. We should be a good citizen so that we would be able to serve our country. Our influence on others must be for good. Our lives must be such that our association with other people makes them better.

(“हम जहाँ भी जाएँ हमें अपने साथ प्रकाश ले जाना चाहिए।” इस पंक्ति में लेखक का तात्पर्य है कि हमें यह देखना है कि हम अच्छे नागरिक बनें जिससे लोग हमारे चरित्र व हमारे प्रभाव के प्रकाश को चाहें। हमें इस प्रकार का चरित्र नहीं बनाना चाहिए, जो लोगों को यह चाहने के लिए विवश करे कि हम एक ही स्थान पर सीमित रहें तथा दूसरे से मिल-जुल न सकें। हमें अच्छा नागरिक होना चाहिए ताकि हम अपने देश की सेवा करने के लिए समर्थ हो सकें। हमारा जीवन ऐसा होना चाहिए कि
हमारी संगति से अन्य लोग बेहतर बन सकें।)

Q7: What will happen if we do not pass the flame of knowledge and skill to others?
(यदि हम ज्ञान एवं कौशल की ज्योति दूसरों तक नहीं पहुँचाते हैं, तो क्या स्थिति उत्पन्न होगी?)

Ans: If we do not pass the flame of knowledge and skill to others then the flame will go out. In support of this
statement, here one beautiful example has been quoted. It relates the flame which was carried from Greece to London. One of the runner, with flame, failed to pass the flame properly and the misson was failed. In the same way when the students come out from their schools, they have a lot of knowledge and skill to pass on to the others. If we do not do so it means we are allowing the flame of knowledge and skill to be put off.

(यदि हम अपने ज्ञान एवं कौशल की ज्योति को दूसरों तक नहीं पहुँचाते हैं, तो वह ज्योति बुझ जाएगी। इस कथन की पुष्टि में यहाँ एक सुंदर उदाहरण उद्धृत किया गया है। यह उदाहरण मशाल को यूनान से लंदन ले जाने वाली ओलम्पिक ज्योति की स्मरण कराता है। मशाल एक-दूसरे को सौंपते हुए इन धावकों में से एक की लापरवाही के कारण अभियान पूर्णत: सफल नहीं हुआ था। इसी प्रकार विद्यार्थी भी विद्यालय से ज्ञान व कौशल की ज्योति लेकर निकलते हैं। यह ज्योति उन्हें दूसरों को सौंपनी चाहिए।
यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो इसका अर्थ है कि वे अपनी इस ज्ञान व कौशल की ज्योति को बुझा रहे हैं।)

Q8 : What do you mean by, “A chain is as strong as its weakest link?” How can the chain be made
strong? (“एक जंजीर उतनी ही मजबूत होती है जितनी उसकी सबसे कमजोर कड़ी” से आपका क्या तात्पर्य है? जंजीर को मजबूत
कैसे बनाया जा सकता है?)

Ans: “A chain is as strong as its weakest links; it means that a weak link makes the whole chain weak. The
weakest link will break when the chain is pulled. Our country is a big chain where every citizen is a link. A weak link makes the chain weak. Sometimes we think that it doesn’t matter what one person does in such a large country. If one candle goes out, there will be darkness at that place. It is only when all the candles burn brightly, the whole house will be full of light. So our duty is to be a good citizen.

(एक जंजीर उतनी ही मजबूत होती है जितनी कि उसकी सबसे कमजोर कड़ी।” से तात्पर्य है कि एक कमजोर कड़ी पूरी जंजीर को कमजोर बना देती है। जब भी जंजीर को खींचा जाएगा, तो उसकी सबसे कमजोर कड़ी टूट जाएगी। हमारा देश एक बड़ी जंजीर के समान है जहाँ प्रत्येक नागरिक इसकी एक कड़ी है। एक कमजोर कड़ी पूरी जंजीर को कमजोर बना देती है। कभी-कभी हम सोचते हैं कि इतने बड़े देश में एक व्यक्ति क्या करता है, उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यदि एक मोमबत्ती बुझ जाए तो उस स्थान पर अँधेरा हो जाएगा। संपूर्ण मकान केवल तभी प्रकाशमय हो सकता है जब इसकी सभी मोमबत्तियाँ जलें। अत: हम सभी का कर्तव्य अच्छा नागरिक बनना है।)

Up Board Class 10 English Chapter -3 TORCH BEARERS FULL SOLUTION
Part I

Q1: What was the result of the merchant’s hard work?
(व्यापारी के कठिन परिश्रम का क्या परिणाम हुआ?)

Ans: The result of the merchant’s hard work was that he had earned a lot of money and had become rich.
(व्यापारी के कठिन परिश्रम के परिणामस्वरूप उसने काफी धन कमा लिया तथा वह धनवान बन गया।)

Q2: Whom did the merchant want to give all his money?
(व्यापारी अपना सारा धन किसे देना चाहता था?)

Ans: The merchant wanted to give all his money to one of his sons who proved himself to be the cleverer of
the two.
(व्यापारी अपना सारा धन अपने उस पुत्र को देना चाहता था जो स्वयं को दोनों में अधिक चतुर सिद्ध कर दे।)

Q3: What did the merchant do to solve his problem?
(व्यापारी ने अपनी समस्या के समाधान के लिए क्या किया?)

Ans: The merchant gave a test to his sons to solve his problem.
(व्यापारी ने अपनी समस्या के समाधान के लिए अपने पुत्रों की परीक्षा ली।)

Q4: What did the merchant give to his sons and what did he ask them to do with it?
(व्यापारी ने अपने पुत्रों को क्या दिया और उसने उनको क्या करने को कहा?)

Ans: The merchant gave one rupee each of his sons and asked them to go separately and buy something in a
couple of days which would fill the whole house.

(व्यापारी ने अपने बेटों को एक-एक रुपया दिया और उनसे अलग-अलग जाने तथा कुछ ही दिन के अंदर ऐसी वस्तु
खरीदने को कहा जो सारा घर भर दे।) Q5: What did the first son do?
(पहले पुत्र ने क्या किया?) Ans: The first son wandered in the market here and there. He did not think much and bought a load of hay for
arupee.
(पहला पुत्र बाजार में इधर-उधर घूमा। उसने अधिक नहीं सोचा और एक रुपये में गाड़ी भरकर भूसा खरीदा।)

Q6: What did the second son do?
(दूसरे पुत्र ने क्या किया?)

Ans: Before buying anything the second son who was really clever, sat down and thought about what he
should buy with his rupee. (कोई भी वस्तु खरीदने से पूर्व दूसरा पुत्र जो कि वास्तव में चतुर था, बैठ गया और उसने यह सोचा कि उसे एक रुपये का
क्या खरीदना चाहिए।) Q7: Who satisfied the merchant-first son or the second son? How?
(व्यापारी को किसने संतुष्ट किया- पहले पुत्र ने या दूसरे पुत्र ने? कैसे?)

Ans: The second son satisfied the merchant. He purchased a few candles with his rupee and filled the entire
house with their light. (व्यापारी को दूसरे पुत्र ने संतुष्ट किया। उसने अपने रुपये से कुछ मोमबत्तियाँ खरीदी और उनके प्रकाश से पूरे घर को भर
दिया।)

Q8: What have ‘hay’and ‘light’ been compared to?
(‘भूसे’ तथा ‘प्रकाश’ से किसकी तुलना की गई है? )

Ans: ‘Hay’has been compared to useless works and light has been compared to good deeds and service of
the country.
(‘भूसे’ की तुलना व्यर्थ के कार्यों से और ‘प्रकाश’ की तुलना अच्छे कार्यों और देश सेवा से की गई है।)

Q9: What different qualities do we have?
(हमारे पास क्या भिन्न-भिन्न गुण हैं?) Ans: The different qualities we have are:
(i) Power of body. (ii) Power of mind and
(iii) Power of character

(हमारे पास भिन्न-भिन्न गुण हैं(i) शरीर की शक्ति (ii) मस्तिष्क की शक्ति
(iii) चरित्र की शक्ति ) Q10: What should we do to become good citizens of our country?
(हमें अपने देश के अच्छे नागरिक बनने के लिए क्या करना चाहिए?)

Ans: To become good citizens of our country we should use our powers and abilities to spread light into all
parts of our country.

(हमें अपने देश के अच्छे नागरिक बनने के लिए अपनी शक्तियों तथा योग्यताओं का प्रयोग अपने देश के सभी भागों में प्रकाश फैलाने के लिए करना चाहिए।)


Part II

Q1: Why did Guru Nanak and Mardana spend the night in open?
(गुरु नानक तथा मरदाना ने रात्रि खुले में क्यों बिताई?)

Ans: Guru Nanak and Mardana spent the night in open because the people of the village were rude and
inhospitable. They did not allow them to stay anywhere in the village.

(गुरु नानक तथा मरदाना ने रात्रि खुले में बिताई क्योंकि गाँव के लोग बहुत अशिष्ट तथा अतिथि सत्कार न करने वाले थे।
उन्होंने उन्हें गाँव में कहीं भी ठहरने नहीं दिया।)

Q2: What did Guru Nanak say about the people of the first village?
(गुरु नानक ने पहले गाँव वालों के बारे में क्या कहा?)

Ans: Guru Nanak asked about the people of the first village that they should remain in that village.
(गुरु नानक ने पहले गाँव वालों के बारे में कहा कि वे सदा उसी गाँव में रहें।)

Q3: How were Guru Nanak and Mardana treated in the second village?
(गुरु नानक तथा मरदाना के साथ दूसरे गाँव मे कैसा व्यवहार हुआ?)

Ans: The people of the second village welcomed Guru Nanak and Mardana, treated them kindly, found them
a place to stay for night and gave them food to eat.

(दूसरे गाँव के लोगों ने गुरु नानक व मरदाना का स्वागत किया, उनके साथ अच्छा व्यवहार किया, रात को रहने का स्थान
तथा खाने के लिए भोजन दिया।)

Q4: What did Guru Nanak say about the people of the second village?
(गुरु नानक ने दूसरे गाँव वालों के बारे में क्या कहा?)

Ans: Guru Nanak said about the people of the second village that they should spread over the whole country
and should not remain at one place.
(गुरु नानक ने दूसरे गाँव वालों के बारे में कहा कि वे पूरे देश में फैल जाएँ और एक ही स्थान पर न रहें।)

Q5: Why did Mardana get puzzled?
(मरदाना क्यों चकरा गया?)

Ans: Mardana got puzzled because people he could not understand why the Guru had wished for the bad
people to remain in the village and good people to spread in the whole country.

(मरदाना चकरा गया क्योंकि वह यह समझ नहीं पाया कि गुरु ने बुरे लोगों के लिए गाँव में ही बने रहने और अच्छे लोगों के
लिए सारे देश में बिखर जाने की प्रार्थना क्यों की।)

Q6: Why should inhospitable people stay in one place?
(असत्कारी लोगों को एक ही स्थान पर क्यों रुके रहना चाहिए?)

Ans: Inhospitable people should stay in one place so that their evils might harm only at one place.
(असत्कारी लोगों को एक ही स्थान पर रुके रहना चाहिए ताकि उनकी बुराइयाँ उसी स्थान पर हानि पहुँचा सके।)

Q7: Why should good people not stay in one place?
_ (अच्छे लोगों को एक ही स्थान पर क्यों नहीं रुके रहना चाहिए?)

Ans: Good people should not stay in one place because their goodness is needed everywhere.

(अच्छे लोगों को एक ही स्थान पर नहीं रुके रहना चाहिए क्योंकि उनकी अच्छाई की प्रत्येक जगह आवश्यकता है।)

Q8: What will happen if a link in a chain is weak?

Ans: A weak link makes the whole chain weak because chain may break at that point. So, a chain is as strong as its weakest link.

(जंजीर की एक कमजोर कड़ी संपूर्ण जंजीर को कमजोर बनाती है, क्योंकि जंजीर वहीं से टूट सकती है। इसलिए एक जंजीर उतनी ही मजबूत होती है जितनी कि उसकी सबसे कमजोर कड़ी।)

Q9: How can the chain be made strong?

Ans: Our country is a big chain where every citizen is a link. If every citizen of the country would become a good citizens, then this chain can be made strong.

(हमारा देश एक बड़ी जंजीर है जहाँ प्रत्येक नागरिक इसकी एक कड़ी है। यदि देश का प्रत्येक नागरिक अच्छा नागरिक बन जाएगा, तो इस जंजीर को मजबूत बनाया जा सकता है।)

Q10: What will happen if we don’t pass the flame of knowledge and skill to others?

(यदि हम ज्ञान और कौशल की मशाल दूसरों तक नहीं पहुँचाएँगे तब क्या होगा?)

Ans: Each one of us has a flame to carry which we have to pass on to others. If we do not pass the flame of knowledge and skill to others, it will go out. (हममें से प्रत्येक के पास एक मशाल है जिसे हमकों दूसरों को सौंपना है। यदि हम यह ज्ञान और कौशल की मशाल दूसरों तक नहीं पहुँचाते हैं, तो वह बीच में ही बुझ जाएगी।)

VOCABULARY 

[B] Use the following words / group of words in your own sentences:


disciple, reception, pleased, native, go out, look after, take leave, give up, lay by.

disciple : Mardana was Guru Nanak’s disciple.

reception : Mr. Obama was given a grand reception.

pleased : Ananya was so well pleased with this dress that she bought it.

native: India is our native country.

go out: This is the responsibility of a runner not to let the flame go out.

look after:Anurse looks after patients.

take leave: I have stayed here for a long time. Let me take leave of you now.

give up: I have given up smoking.
lay by: My father laid by more and more riches.

[C] Give antonyms of:
spend, enough, despair, wisdom, better, always, open, hospitable. spend


earn enough————————-aggravate

despair————————-hope

wisdom————————-stupidity

better————————-worse

always————————-never

open————————-close

hospitable————————–inhospitable

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