Up Board Class 10 English Our Indian Music : Stories and Anecdotes full solution

Up Board Class 10 English Our Indian Music : Stories and Anecdotes full solution long answer type short answer type

Up Board Class 10 English Our Indian Music : Stories and Anecdotes full solution

LONG ANSWER TYPE QUESTIONS


Q1: What did Brahma create in the universe?
(ब्रह्मा ने ब्रह्मांड में क्या रचना की?)
Ans: The creator Brahma, made his universe. He created a variety of wonderfully beautiful and delightful
things. He created the majestic mountain ranges, the thundering water-falls and the giant forest trees, as also the nimble deer, the colourful peacock and of great excellence flowers. He filled his creation with beauty, charm and splendour. (रचनाकार ब्रह्मा ने इस ब्रह्मांड को बनाया। उन्होंने अनेक प्रकार की अद्भुत रूप से सुंदर तथा मंत्रमुग्ध कर देने वाली वस्तुएँ बनाईं। उन्होंने बड़े आकार की पर्वत श्रृंखलाएँ, शोर करते हुए झरने और दैत्याकार जंगली वृक्ष बनाए और फुर्तीले
हिरन, रंगबिरंगे मोर और सुंदर फूल भी बनाए। उन्होंने सृष्टि को सुंदरता, आकर्षण तथा वैभव से भर दिया।)

Q2: Why did Brahma feel that all his creations were purposeless?
(ब्रह्मा ने क्यों महसूस किया कि उनकी सृष्टि उद्देश्यहीन थी?)
Ans: Brahma created this universe. He created a lot of beautiful and enchanting things. He created majestic
mountains, thundering waterfalls, large forests and beautiful birds, animals and flowers. Thus he filled his creation with beauty and splendour. But his children, the human beings were not sensitive to the beauty around them. So he was sad. He felt that his creation was purposeless.
(ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की। उन्होंने बहुत-सी सुंदर तथा आकर्षक चीजों की रचना की। उन्होंने विशाल पर्वत, शोर करते झरने, बड़े-बड़े वन और सुंदर पशु तथा पुष्प बनाए। इस प्रकार उन्होंने अपनी सृष्टि को सौंदर्य तथा वैभव से भर दिया। परंतु उनके बच्चे, मानव जाति, के चारों ओर जो सौंदर्य फैला हुआ था, वे (मनुष्य) संवेदनशील नहीं थे। अत: वे (ब्रह्मा) उदास
थे। उन्होंने महसूस किया कि उनकी सृष्टि उद्देश्यहीन है।)


Q3: Who solved Brahma’s problem and how?
(ब्रह्मा की समस्या का समाधान किसने किया और कैसे?)
Ans: After creating the universe, Brahma felt that his creation was purposeless because human souls did not
seem to be sensitive to the beauty of his creation. So he was sad. His wife Saraswati understood his feelings. She conceived an idea to remove his sadness. She create music and fine arts. She created the power to respond to this beauty through music. She filled man with this power. Thus the human beings began to take interest in the creation of Brahma. Then Brahma became happy…
(सृष्टि की रचना करने के बाद ब्रह्मा ने अनुभव किया कि सृष्टि की रचना निरर्थक रही, क्योंकि मनुष्य ने इस सुंदर रचना के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाई। इसलिए वे दु:खी थे। उनकी पत्नी सरस्वती उनकी भावनाओं को समझ गईं। उन्होंने उनके दुःख को दूर करने की योजना बनाई। उन्होंने संगीत तथा ललित कलाओं की रचना की। उन्होंने संगीत के द्वारा इस सुंदरता का प्रत्युत्तर देने की शक्ति की रचना की। उन्होंने मनुष्य को
इस शक्ति से भर दिया। इस प्रकार मानव जाति ने ब्रह्मा की सृष्टि में रुचि लेनी आरंभ कर दी। तब ब्रह्मा प्रसन्न हो गए।)


Q4: Why does a work of art thrill us?
(कलाकृतियाँ हमें रोमांचित क्यों कर देती हैं?)
Ans: When we see a great work of art, a majestic temple, tower or an ancient sculpture, we are thrilled and left
spell bound because of the great spiritual urge behind it. An exquisite work of art is produced by devotion of the artist. Indian art is an act of self-effacing dedication. The Indian artist pours their devotion in their art.
(जब हम कला का कोई विशिष्ट कार्य, एक भव्य मंदिर, मीनार या प्राचीन शिल्पकला देखते हैं, तो हम रोमांचित हो जाते हैं
और वह हमें मंत्र-मुग्ध कर देता है, क्योंकि उसके पीछे विशिष्ट मानसिक प्रेरणा होती है। कला का बहुत ही सुंदर कार्य कलाकार के समर्पण द्वारा उत्पन्न होता है। भारतीय कला मौन-समर्पण का प्रतीक है। भारतीय कलाकार अपने समर्पण को
अपनी कला में उड़ेल देता है।) Up Board Class 10 English Chapter -3 TORCH BEARERS FULL SOLUTION सम्पूर्ण पाठ का सारांश हिन्दी व अंग्रेजी में

Q5: Who was Swami Hari Das? Why was Akbar eager to hear him?
(स्वामी हरिदास कौन थे? अकबर उनका संगीत सुनने के लिए क्यों उत्सुक थे?)
Ans: Swami Hari Das was the Guru of great musician Tansen. He lived in an ashram in Himalaya.
One day Tansen gave a very good performance in the court of emperor Akbar. Akbar went into ecstasy. He asked Tansen, “What is the secret of his sweet concord of notes which takes me out of this world and transports me to Divine regions? I have not heard anyone else who can thus cast a spell of magic and make a slave of our hearts. You are really wonderful, Tansen.” Tansen said that he was only a humble pupil of his master. Swami Hari Das. He had not mastered even a fraction of his master’s technique, grace and charm.
70Akbar was surprised to know that there was one who could sing better than Tansen. This made Akbar eager to hear Swami Hari Das.

(स्वामी हरिदास महान संगीतज्ञ तानसेन के गुरु थे। वे हिमालय में एक आश्रम में रहते थे। एक दिन तानसेन ने अकबर के दरबार में बहत ही अच्छा प्रदर्शन दिखाया। अकबर परम आनंद में लीन हो गया। उसने तानसेन से पूछा, “इस स्वर-माधुर्य का क्या रहस्य है, जो मुझे इस संसार से बाहर निकाल ले गया और मुझे ईश्वरीय क्षेत्र में छोड़ दिया। मैंने कभी किसी अन्य व्यक्ति का ऐसा संगीत नहीं सुना, जो इस प्रकार का जादू कर देता है और हृदय को गुलाम बना
देता है। तानसेन, तुम वास्तव में आश्चर्यजनक हो।” तानसेन ने कहा कि वह अपने स्वामी हरिदास का तुच्छ शिष्य मात्र है। उसने अपने गुरु की तकनीक, सौन्दर्य तथा आकर्षण का थोड़ा-सा हिस्सा भी प्राप्त नहीं किया है। अकबर आश्चर्यचकित हुआ कि क्या कोई तानसेन से बेहतर गा सकता है। इससे अकबर स्वामी हरिदास का संगीत सुनने के
लिए उत्सुक हो गए।)

Q6: How was Akbar’s wish fulfilled?
(अकबर की इच्छा कैसे पूर्ण हुई?)
Ans: Akbar wished to hear music of Swami Hari Das. Tansen told Akbar that he was nothing before his Guru.
At this Akbar became anxious to hear his Guru. But he could not fulfill his wish because Swami Hari Das would not come to his court. So Akbar and Tansen went to Swamiji’s ashram in the Himalayas to hear his song. They stayed at ashram several days but he did not sing. So Tansen played a trick to make his Guru sing. He sang a false note knowingly. His Guru could not bear it. He rebuked Tansen that his pupil could commit such vulgarity and began to sing himself. Thus Akbar’s wish was fulfilled.
(अकबर की इच्छा स्वामी हरिदास का संगीत सुनने की थी। तानसेन ने अकबर को बताया था कि वह अपने गुरु के सामने कुछ भी नहीं है। इस पर अकबर उनके गुरु को सुनने के लिए उत्सुक हुए। लेकिन वे अपनी इच्छा पूरी नहीं कर सकते थे क्योंकि स्वामी हरिदास उनके दरबार में नहीं आ सकते थे। अकबर और तानसेन हिमालय में स्वामी जी के आश्रम उनका गाना सुनने के लिए गए। वे वहाँ कई दिनों तक ठहरे लेकिन उन्होंने नहीं गाया। इसलिए तानसेन ने अपने गुरु को गाने के लिए प्रेरित करने के लिए एक चाल चली। उन्होंने जानबूझकर गलत स्वर गाया। उनके गुरु यह सहन न कर सके। उन्होंने तानसेन को फटकारा कि उनका शिष्य भी ऐसा बेहूदापन कर
सकता है और स्वयं गाने लगे। इस प्रकार अकबर की इच्छा पूरी हो गई।)

Q7: What was the difference in the singing of HariDas and Tansen?
(हरिदास और तानसेन के गाने में क्या अंतर था?)
Ans: Music of Tansen: Tansen was the great musician in Akbar’s court. Akbar was very fond of his music.
One day when Tansen gave a very good performance, Akbar went into ecstasy. He felt that Tansen’s music took him out of this world and transported him to divine regions. Music of Hari Das: When Akbar heard the music of Swami Hari Das, he forgot himself in the sheer melody and charm of the music. Akbar said that Tansen’s music seemed to be only chaff beside Swami’s soul-stirring music.
ari Das and Tansen: Tansen said that he sang to the emperor’s bidding but he sang only when prompting came from his innermost self. That made all the difference.


(तानसेन का संगीत- तानसेन अकबर के दरबार के महान संगीतज्ञ थे। अकबर उनके संगीत के बहुत शौकीन थे। एक दिन जब तानसेन ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन दिखाया, अकबर परम आनंद में लीन हो गए। उन्हें अनुभव हुआ कि तानसेन का संगीत उनको इस संसार से बाहर निकालकर ईश्वरीय क्षेत्र में ले गया। हरिदास का संगीत- जब अकबर ने स्वामी हरिदास का संगीत सुना, तो वे संगीत से ओत-प्रोत लय-माधुर्य तथा जादू में स्वयं को भूल गए। अकबर ने कहा कि तानसेन का संगीत स्वामी जी के हृदय को झकझोरने वाले संगीत के सामने केवल भूसा लगता है। हरिदास और तानसेन के गाने में अंतर- तानसेन ने कहा कि वे सम्राट के आदेश पर गाते थे, परंतु उनके गुरु तभी गाते हैं जब उनके हृदय की असीम गहराई में अंत:प्रेरणा उत्पन्न होती है। यहीं अंतर का कारण था।)

SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Class 10 English Prose Chapter 4 SOCRATES (Rhoda Power) full solution
Q1: Who are Brahma and Saraswati?
(ब्रह्मा और सरस्वती कौन हैं?
Ans: Brahma is the creator of this universe. Saraswati is the creator of music and fine arts. She created among
men the power to appreciate beauty. They are husband and wife.
(ब्रह्मा सृष्टि के रचयिता हैं। सरस्वती ललित कलाओं तथा संगीत की रचयिता हैं। उन्होंने मनुष्य में सुंदरता को सराहने की
क्षमता प्रदान की। दोनों आपस में पति-पत्नी हैं।)
Q2: Who has created this universe?
(ब्रह्मांड की रचना किसने की?)
Ans: Brahma has created this universe.
(ब्रह्मांड की रचना ब्रह्मा ने की।)
Q3: What has Brahma created in this universe?
(ब्रह्मा ने इस ब्रह्मांड में क्या रचना की?)
Ans: Brahma has created in this universe the mountains, waterfalls, trees, flowers and animals like deer,
peacocks, etc.
(ब्रह्मा ने इस ब्रह्मांड में पर्वतों, झरनों, वृक्षों, फूलों तथा जानवरों जैसे हिरणों, मोरों आदि की रचना की।)
Q4: Why did Brahma become sad?
(ब्रह्मा दुःखी क्यों हो गए?)
Ans: Brahma became sad because his children, human souls did not take any interest in his beautiful
creation.
(ब्रह्मा दुःखी हो गए क्योंकि उनके बच्चे, मानव जाति उनकी सुंदर सृष्टि के प्रति संवेदनशील नहीं थे।)
Q5: What is the importance of music and fine arts in this universe?
(इस ब्रह्मांड में ललित कलाओं तथा संगीत का क्या महत्व है?)
Ans: The music and fine arts are very important in this universe. Music and fine arts creat in the human being
the power to respond to the beauty of the universe.
(ललित कला तथा संगीत इस ब्रह्मांड में बहुत महत्वपूर्ण हैं। ललित कला तथा संगीत मनुष्य में ब्रह्मांड की सुंदरता का
प्रत्युत्तर देने की शक्ति उत्पन्न करते हैं।)


Q6: Why does a work of art thrill and awe us?
(एक कलाकृति हमें क्यों रोमांचित करती है और विस्मय में क्यों डालती है?)
Ans: A work of art thrills and awes us because there is a great spiritual urge of the artist behind it. The artist
pours all his devotion to perform his art.
(एक कलाकृति हमें इस कारण रोमांचित करती है और विस्मय में डालती है क्योंकि इसके पीछे कलाकार की गहरी
आध्यात्मिक प्रेरणा होती है। कलाकार अपनी कला के प्रदर्शन में पूर्ण निष्ठावान हो जाता है।)
07: On which basic truth, all Indian art is developed?
(किस मौलिक सत्य पर संपूर्ण भारतीय कला विकसित हुई है?)
Ans: One of the basic truths on which all Indian art is developed is that true art is never made to order but it
comes as an irresistible inner urge.
(संपूर्ण भारतीय कला एक मौलिक सत्य पर विकसित हुई है कि यह आदेश देने पर नहीं आती बल्कि यह तो एक अबाध
आंतरिक प्रेरणा से आती है।)

Class 10 English Prose Chapter 4 SOCRATES (Rhoda Power) full solution
Q8: Who was Swami Hari Das?
(स्वामी हरिदास कौन थे?)
Ans: Swami Hari Das was Tansen’s master. He lived an ashram in Himalayas.
(स्वामी हरिदास तानसेन के गुरु थे। वे हिमालय में एक आश्रम में रहते थे।)
Q9: What did Tansen tell Akbar about Swami Hari Das?
(तानसेन ने अकबर को स्वामी हरिदास के बारे में क्या बताया?)
Ans: Tansen told Akbar that Swami Hari Das’s music is a rhythmic flow of Divine harmony, beauty and
charm in sound.
(तानसेन ने अकबर को बताया कि स्वामी हरिदास का संगीत ईश्वरीय मधुरता, सौंदर्य और जादू का एक लयबद्ध प्रवाह है।)

Q10: Why was Akbar eager to meet Hari Das?
(अकबर हरिदास से मिलने के लिए क्यों उत्सुक थे?)
Ans: Tansen told Akbar that he was nothing before his Guru. At this Akbar became eager to meet Hari Das.
(तानसेन ने अकबर को बताया कि वे अपने गुरु के समक्ष कुछ भी नहीं हैं। इस पर अकबर हरिदास से मिलने के लिए उत्सुक
हो गए थे)

Q11: Why did Akbar and Tansen go to the Himalayas?
(अकबर और तानसेन हिमालय की ओर क्यों गए?)
Ans: Akbar wanted to hear music of Swami Hari Das but he could not get him to his court. So he and Tansen
went to Himalayas where Swamiji lived in his ashram.

(अकबर स्वामी हरिदास का गायन सुनना चाहते थे, परंतु वे उन्हें अपने दरबार में नहीं बुला सकते थे। अत: अकबर और
तानसेन स्वामी जी के आश्रम में हिमालय की ओर गए।) Up Board Class 10 English Our Indian Music : Stories and Anecdotes full solution

Q12: What warning was given to Akbar by Tansen?
(तानसेन ने अकबर को क्या चेतावनी दी थी?) Ans: Tansen warned Akbar that Swamiji would sing only if he wanted to.
(तानसेन ने अकबर को चेतावनी दी थी कि स्वामी जी केवल तभी गाएँगे जब वे चाहेंगे।)

Q13: How was Akbar’s wish fulfilled?
(अकबर की इच्छा कैसे पूर्ण हुई?)

Ans: Akbar wished to hear music of Hari Das. He fulfilled his wish by going to the ashram of Swamiji himself with Tansen. (अकबर की इच्छा हरिदास का संगीत सुनने की थी। उन्होंने तानसेन के साथ स्वयं स्वामी जी के आश्रम में जाकर अपनी इच्छा पूरी की।)

Q14: What was the impact of Swamiji’s singing on Kabar?
(स्वामी जी के गायन का अकबर पर क्या प्रभाव पड़ा?)

Ans: The impact of swamiji’s singing on Akbar was that he forgot himself in the sheer melody and charm of the music.
(स्वामी जी के गायन का अकबर पर यह प्रभाव पड़ा कि वे संगीत से ओत-प्रोत लय-माधुर्य तथा जादू में स्वयं को भूल गए।

Q15: Why was Swamiji’s music soul-stirring?
(स्वामी जी का संगीत आत्मा को झकझोरने वाला क्यों था?) Up Board Class 10 English Chapter -3 TORCH BEARERS FULL SOLUTION सम्पूर्ण पाठ का सारांश हिन्दी व अंग्रेजी में

Ans: Swamiji’s music was soul-stirring because he sang due to his inner urge.

(स्वामी जी का संगीत आत्मा को झकझोरने वाला था इसलिए क्योंकि वे अपनी आंतरिक प्रेरणा के कारण गाते थे।)

vocabulary

[B] Use the following words/group of words in your own sentences:
essence, m estic, deliberately, exquisite, turn to, by the side of, cast a spell of

essence: The greatest of Indian music lies in its essence.

majestic: There is majestic touch in my mother’s cooking.

deliberately: You have deliberately made your uniform dirty.

exquisite: Radhika gave exquisite performance in annual function of the school.

turn to: Turn to left for school and right for playground.

by the side of: Suhani gave a beautiful gift to Lakshay by the side of her parents.
cast a spell of: Tansen’s music cast a spell of magic and made a slave to the listener’s hearts.

[C] Give antonyms of:
created, innermost, sad, false, living, forget. created – destroyed innermost outermost sad
happy —————–sad

false–true

living—-dead

forget—–remember

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