समास संस्कृत व्याकरण samas in sanskrit

समास संस्कृत व्याकरण अमसनम् अनेकेषां पदानाम् एकपदीभवनम् समास:।। जब दो या दो से अधिक शब्द आपस में मिलकर अपनी विभक्ति या चिन्ह को छोड़कर एक शब्द बन जाते हैं तो इस तो इस प्रकार एक पद बनने की क्रिया को समास कहते हैं तथा जो पद बनता है उसे सामासिक पद कहते हैं तथा जो … Read more

भगवत् शब्द के रूप bhagvat shabd ke roop

भगवत् शब्द के रूप संस्कृत में bhagvat ke roop sanskrit भगवत् शब्द के रूप bhagvat shabd ke roop भगवत् (तकारांत पुल्लिंग शब्द ) – भगवान परमेश्वर ईश्वर ।। भगवत् शब्द में अंत मे त् शब्द आया है इसलिए यह तकारांत है। अतः जितने भी तकारांत पुल्लिंग शब्द है उनके रूप इसी तरह चलते है। भगवत् … Read more

गुरु शब्द के रूप – GURU SHABD KE ROOP IN SANSKRIT

गुरु शब्द के रूप – सभी उकारांत शब्दों के रूप इसी तरह चलेंगे गुरु के रूप – GURU KE ROOP विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन प्रथमा गुरु गुरू गुरव: द्वितीय गुरुम् गुरू गुरून् तृतीया गुरुणा गुरुभ्याम् गुरुभि: चतुर्थी गुरवे गुरुभ्याम् गुरुभ्याम् पंचामी गुरो: गुरुभ्याम् गुरुभ्याम् षष्ठी गुरो: गुर्वो: गुरूणाम् सप्तमी गुरौ गुर्वो: गुरुषु संबोधन हे गुरो … Read more

हरि शब्द के रूप – hari shabd ke roop in sanskrit

हरि शब्द के रूप हरि: इकारांत पुल्लिंग – इस प्रकार के सभी शब्दों के रूप इसी आधार पर चलते है | हरि के रूप – hari ke roop विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन प्रथमा हरि: हरी हरय: द्वितीया हरिम् हरी हरीन् तृतीया हरिणा हरिभ्याम् हरिभि: चतुर्थी हरये हरिभ्याम् हरिभ्य: पंचमी हरे: हरिभ्याम् हरिभ्य: षष्ठी हरे: हर्यो: … Read more