NCERT Solution for Class 8 Hindi Vasant Chapter 1 ध्वनि

NCERT Solution for Class 8 Hindi Vasant
UP Board Solution for Class 8 Hindi

NCERT Solution for Class 8 Hindi Vasant Chapter 1 ध्वनि


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NCERT Solution for Class 8 Hindi Vasant Chapter 1 ध्वनि

अभी न होगा मेरा अंत
अभी-अभी ही तो आया है।
मेरे वन में मृदुल वसंत
अभी न होगा मेरा अंत।’

हरे-हरे ये पात,
डालियाँ, कलियाँ, कोमल गात।’
मैं ही अपना स्वप्न- मृदुल-कर
फेरूँगा निद्रित कलियों पर
जगा एक प्रत्यूष मनोहर।

पुष्प-पुष्प से तंद्रालस लालसा खींच लूँगा मैं.
अपने नव जीवन का अमृत सहर्ष सींच दूँगा मैं,

द्वार दिखा दूँगा फिर उनको।
हैं मेरे वे जहाँ अनंत
अभी न होगा मेरा अता

-सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

कविता से: अभ्यास प्रश्न

1- कवि को ऐसा विश्वास क्यों है कि उसका अंत अभी नहीं होगा?

उत्तर – कवि को ऐसा विश्वास इसलिए है क्योंकि अभी उसके मन में नया जोश व उमंग है। अभी उसे काफ़ी नवीन कार्य करने है। वह युवा पीढ़ी को आलस्य की दशा से उबारना चाहते हैं।

2- फूलों को अनंत तक विकसित करने के लिए कवि कौन-कौन-सा प्रयास करता है?

उत्तर2: फूलों को अनंत तक विकसित करने के लिए कवि उन्हें कलियों की स्थिति से निकालकर खिले फूल बनाना चाहता है। कवि का मानना है कि उसके जीवन में वसंत आया हुआ है। इसलिए वह कलियों को हाथों के वासंती स्पर्श से खिला देगा। वह फूलों की आँखों से आलस्य हटाकर उन्हें चुस्त व जागरूक करना चाहता है।

3- कवि पुष्पों की तंद्रा और आलस्य दूर हटाने के लिए क्या करना चाहता है?

उत्तर: कवि पुष्पों की तंद्रा और आलस्य दूर हटाने के लिए उन पर अपना हाथ फेरकर उन्हें जगाना चाहता है। वह उनको चुस्त, प्राणवान, आभावान व पुष्पित करना चाहता है।

अतः कवि नींद में पड़े युवकों को प्रेरित करके उनमें नए उत्कर्ष के स्वप्न जगह देगा, उनका आलस्य दूर भगा देगा तथा उनमें नये उत्साह का संचार करना चाहता है।

कविता से आगे:

1- वसंत को ऋतुराज क्यों कहा जाता है? आपस में चर्चा कीजिए |


उत्तर : वसंत को ऋतुराज कहा जाता है क्योंकि यह सभी ऋतुओं का राजा है। इस ऋतु में प्रकृति पूरे यौवन होती है। इस ऋतु के आने पर सर्दी कम हो जाती है। मौसम सुहावना हो जाता है। इस समय पंचतत्व अपना प्रकोप छोड़कर सुहावने रूप में प्रकट होते हैं। पंचतत्व जल, वायु, धरती, आकाश और अग्नि सभी अपना मोहक रूप दिखाते हैं। पेड़ों में नए पत्ते आने लगते हैं। आम चौरों से लद जाते हैं और खेत सरसों के फूलों से भरे पीले दिखाई देते हैं। सरसों के पीले फूल ऋतुराज के आगमन की घोषणा करते हैं। खेतों में फूली हुई सरसों, पवन के झोंकों से हिलती, ऐसी दिखाई देती है, मानो, सामने सोने का सागर लहरा रहा हो। कोयल पंचम स्वर में गाती है और सभी को कुहू कुहू की आवाज से मंत्रमुग्ध करती है। इस ऋतु में उसकी छठा देखते ही बनती है। इस ऋतु में कई प्रमुख त्यौहार मनाए जाते हैं, जैसे पंचमी, महा शिवरात्रि, होली आदि।

2– वसंत ऋतु में आनेवाले त्योहारों के विषय में जानकारी एकत्र कीजिए और किसी एक त्योहार पर निबंध लिखिए।


उत्तर : वसंत ऋतु में कई त्यौहार मनाए जाते है, जैसे वसंत पंचमी, महा शिवरात्रि, होली आदि ।

होली हमारा देश भारत विश्व का अकेला एवं ऐसा अनूठा देश है, जहँ पूरे साल कोई न कोई त्योहार मनाया जाता है। रंगों का त्योहार होली हिंदुओं का प्रसिद्ध त्योहार है, जो फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार रंग एवं उमंग का अनुपम त्योहार है जब वसंत अपने पूरे यौवन पर होता है। सर्दी को विदा देने और ग्रीष्म का स्वागत करने के लिए इसे मनाया जाता है। संस्कृत साहित्य में इस त्योहार को ‘मदनोत्सव’ के नाम से भी पुकारा जाता है।

होली के संबंध में एक पौराणिक कथा प्रचलित है कि भगवान विष्णु के परम भक्त प्रहलाद को अग्नि में जलाने के प्रयास में उसकी बुआ ‘होलिका’ अग्नि जलकर स्वाहा हो गई थी। इसी घटना को याद कर प्रतिवर्ष होलिका दहन किया जाता है। दूसरे दिन फाग खेला जाता है। इस दिन छोटे-बड़े अमीर-गरीब आदि का भेदभाव मिट जाता है। सब एक दूसरे पर रंग फेंकते हैं, गुलाल लगाते हैं और गले मिलते हैं। चारों ओर आनंद, मस्ती और उल्लास का समों बंध जाता है। ढोल पर थिरकते मजीरों की ताल पर झूमते, नाचते-गाते लोग आपसी भेदभाव भुलाकर अपने शत्रु को भी गले लगा लेते हैं। परन्तु कुछ लोग अशोभनीय व्यवहार कर इस त्योहार की पवित्रता को नष्ट कर देते हैं।

3- “ऋतु परिवर्तन का जीवन पर, गहरा प्रभाव पड़ता है” इस कथन को पुष्टि लाप किन-किन बातों से कर सकते हैं? लिखिए |
उत्तर – हमारा कर्तव्य है कि हम होली का त्योहार उसके आदर्शों के अनुरूप मनाएँ तथा आपसी वैमनस्य, वैर भाव, घृणा आदि को जलाकर एक-दूसरे पर गुलाल लगाकर आपस में प्रेम, एकता और सद्भाव बढ़ाने का प्रयास करें।

“होली के अवसर पर आओ एक दूजे पर गुलाल लगाएँ अपने सब भेदभाव भुलाकर प्रेम और सद्भाव बढाएँ”

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