NCERT SOLUTION FOR CLASS 8 SOCIAL CHAPTER 5 जब जनता बगावत करती है

NCERT SOLUTION FOR CLASS 8 SOCIAL CHAPTER 3  ग्रामीण क्षेत्र पर शासन चलाना

NCERT SOLUTION FOR CLASS 8 SOCIAL CHAPTER 5 जब जनता बगावत करती है

पाठ 5 जब जनता बगावत करती है ।

●ईस्ट इंडिया कंपनी की नीतियों का जनता, राजाओं, रानियों, किसानों जमींदारों, आदिवासियों सिपाहियों, सब पर तरह-तरह से असर पड़ा ।
● जो नीतियाँ और कारवईयाँ जनता के हित में नहीं होती थी या उनके भावनाओं को ठेस पहुँचाती थी तो लोग उनका विरोध करते थे |
●अठारहवीं सदी के मध्य से ही राजाओं और नबाबों की ताकत छीनने लगी थी | उनकी सत्ता और सम्मान दोनों छीनने लागे थे |बहुत सारे राजदरबारों में रेजिडेंट तैनात कर दिए गए थे | स्थानीय शासकों की स्वतंत्रता घटती जा रही थी । उनकी सेनाओं को भंग कर दिया गया था |

●उनके राजस्व वसूली के अधिकार व इलाके एक-एक करके छीने जा रहे थे । झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई चाहती थीं कि कंपनी उनके पति की मृत्यु के बाद उनके गोद लिए हुए बेटे को राजा मान ले |

●पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहेब ने कंपनी से आग्रह किया कि उनके पिता को जो पेंशन मिलती थी वह उनकी मृत्यु के बाद उन्हें मिलने लगे |
● अवध की रियासत अंग्रेजों के कब्जे में जाने वाली आखरी रियासतों में से थी ।

●अवध को अंग्रेजों ने 1856 में अपने कब्जे में ले लिया गर्वनर जनरल डलहौजी ने ऐलान कर दिया कि रियासत का शासन ठीक से नहीं चल रहा है । इसलिए शासन को दुरुस्त करने के लिए ब्रिटिश प्रभुत्व जरुरी है ।
●कंपनी ने मुगलों के शासन को पूरी तरह से ख़त्म करने के लिए कंपनी द्वारा जारी सिक्कों पर से मुगल बादशाह का नाम हटा दिया गया बहादुर शाह जफ़र अंतिम मुगल बादशाह थे |
●गांवों में किसान और जमींदार भारी-भरकम लगान और कर वसूली के सख्त तौर तरीकों से परेशान थे और ऐसे बहुत सारे लोग महाजनों से लिया कर्ज नहीं लौटा पा रहे थे |

●भारतीय सिपाही जो कंपनी में काम करते थे अपने वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों के कारण परेशान थे |
● कई नए नियम सैनिकों के धार्मिक भावनाओं और आस्थाओं को ठेस पहुँचाते थे । जब सिपाही इकट्ठा होकर अपने सैनिक अफसरों का हुक्म मानने से इंकार कर देते है तो उसे सैनिक विद्रोह कहते है ।
● मई 1857 में शुरू हुई सैनिक विद्रोह से भारत में कंपनी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया था ।
● सैनिक विद्रोह की शुरुआत मेरठ से शुरू हुई थी 29 मार्च 1857 को युवा सिपाही मंगल पांडे को बैरकपुर में अपने अफसरों पर हमला करने के आरोप में फाँसी पर लटका दिया गया ।

अभ्यास प्रश्न

Q1. झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की अंग्रेजों से ऐसी क्या माँग थी जिसे अंग्रेजों ने ठुकरा दिया?
उत्तर : — झाँसी की रानी के पति की मृत्यु के पश्चात् वे चाहती थी कि अंग्रेज उनके गोद लिए बेटे को राज्य का वैध उतराधिकारी मान ले परन्तु अंग्रेजों ने इसे ठुकरा दिया | अंग्रेजों ने एक नियम बनाया था जिसे डैक्ट्रिन ऑफ़ लैप्स के नाम से जाना जाता है, इस नियम के अनुसार जिस भारतीय राजा की मृत्यु बिना किसी उतराधिकारी छोड़े हो जाती है अंग्रेज उस राज्य को अंग्रेजी हुकूमत में मिला लेते थे । ऐसा उन्होंने भारतीय राज्यों को हड़पने के लिए किया था ।

Q2. ईसाई धर्म अपनाने वालों के हितों की रक्षा के लिए अंग्रेजों ने क्या किया ?
उत्तर : — ऐसे भारतीय जिन्होंने इसाई धर्म अपना लिया हो उन्हें अपने पूर्वजों की संपति प्राप्त करने का अधिकार दे दिया जाता था । ऐसा उन्होंने भारत में ईसाईकरण को बढ़ावा देने के लिए किया था |

Q3. सिपाहियों को नए कारतूसों पर क्यों ऐतराज था ?

उत्तर: अंग्रेजी हुकूमत के समय बन्दुक में कारतूस लगाने के लिए सिपाहियों को कारतूस के ऊपर लगी खोल को पहले हटाना पड़ता था ऐसी खबर थी कि इन कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी का इस्तेमाल किया गया था । ऐसी चीजों से हिन्दू और मुस्लिम सिपाहियों के धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचती थी । जिसे सुनकर सिपाही भड़क गए और उन्होंने इसके इस्तेमाल से इंकार कर दिया था ।

Q4. अंतिम मुगल बादशाह ने अपने आखिरी साल किस तरह बिताए ?

उत्तर: अंतिम मुग़ल बादशाह बहादुरशाह जफ़र को सिपाही विद्रोह के समय बंदी बना कर वर्मा (अब का म्यांमार) की राजधानी रंगून की जेल में भेज दिया जहाँ उन्हें अपने जीवन के

अंतिम दिन बितानेपड़े | ये दिन उनके जीवन के बहुत ही कष्टदायी रहे । इसी जेल में रहते 1862 में उनकी मृत्यु हो गई । Q5. मई 1857 से पहले भारत में अपनी स्थित को लेकर अंग्रेज शासकों के आत्मविश्वास के क्या कारण थे ?

उत्तर मई 1857 से पहले अंग्रेजों को भारत में अपनी स्थिति को लेकर आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ था | जिसके निम्न कारण थे |
(i) अंग्रेजों की साँच थी कि भारतीय सैनिक उनके विश्वसनीय है । उन्ही के बल पर उन्होंने भारत में इतनी बड़ी ब्रिटिश साम्राज्य खड़ा किया था ।
(ii) भारतीय सिपाहियों ने बहुत सी लड़ाइयाँ जीतकर अंगेजों की झोली में दी थी । उन्हें भारतीय सिपाहियों पर पूरा यकीन था
(iii) वे ये भी जानते थे कि कई स्थानीय जमींदार और राजा उनके शासन का समर्थन करते हैं ।

Q6. बहादुर शाह जफ़र द्वारा विद्रोहियों को समर्थन दे देने से जनता और राज परिवारों पर क्या असर पड़ा ?

उत्तर: बहादुर शाह जफ़र द्वारा विद्रोहियों को समर्थन दे देने से जनता और राज-परिवारों पर निम्न असर पड़ा |

(i) बहादुरशाह जफ़र द्वारा विद्रोही सैनिकों के समर्थन देने से आम जनता उत्साहित हो गई | उन्हें अब लगने लगा कि अब अंग्रेजी सत्ता को उखाड़ फेका जा सकेगा ।
(ii) अंग्रेजों की नीतियों से राज-राजवाड़े भी परेशान थे, अंग्रेजों ने अपने नीतियों से कई भारतीय राजाओं के राज्यों को हड़प लिया था जिसमें अवध प्रमुख था, और झाँसी को भी

इसी समस्या का सामना करना पड़ा (iii) बहादुरशाह जफ़र के समर्थन के खबर से राज परिवारों के ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी । उन्हें लगने लगा कि अब ब्रिटिश शासन ख़त्म हो जाएगी और उनके राज वापस मिल जायेगा
Q7. अवध के बागी भू-स्वामियों से समर्पण करवाने के लिए अंग्रेजों ने क्या किया ?

उत्तर: अवध के बागी भू-स्वामियों से समर्पण करवाने के लिए अंग्रेजों ने निम्न कार्य किया

(i) अंग्रेजों ने घोषणा की कि जो भू-स्वामी ब्रिटिश राज के प्रति स्वामीभक्त बने रहेंगे, उन्हें अपने जमीन पर पारंपरिक अधिकार का उपयोग करने की स्वतंत्रता बनी रहेगी |
(ii) अंग्रेजों ने कई भू-स्वामियों, राजाओं और नबावों पर मुकदमे चलाये और अंत में फाँसी दे दी |

(iii) जिन भू-स्वामियों ने विद्रोह किया था, यदि उन्होंने किसी गोर लोगों की हत्या नहीं की थी और आत्मसमर्पण करना चाहते हो तो उनकी सुरक्षा की गारंटी दी जाएगी और उनकी जमीन पर उनके दावे और अधिकार का विरोध नहीं किया जायेगा |

Q8. 1857 की वागवत के फलस्वरूप अंग्रेजों ने अपनी नीतियां किस तरह बदली ?

उत्तर :

(i) शासकों को उनके क्षेत्र पर शासन करने के अधिकार को सुनिश्चित किया गया |
(ii) उतराधिकारी के रूप में गोद लिए गए पुत्र को मान्यता दी गई ।
(iii) ब्रिटिश सेना ने भारतीय सिपाहियों के अनुपात को कम कर दिया और ब्रिटिश सिपाहियों के अनुपात को बढ़ा दिया |
(iv) सेना में गोरखा, सिख एवं पठानों की संख्या को बढाया गया |

(v) मुसलमानों को संदेह और शत्रु की दृष्टि से देखा जाने लगा |

(vi) अंग्रेज अब भारतीय रिवाज, धर्म, परम्पराओं और सामाजिक प्रथाओं को सम्मान देने लगे |
(vii) जमींदार और भू-स्वामियों के उनके जमीनों पर अधिकार को और सुरक्षित बनाया गया

Q10. झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के बारे में और पता लगाए | आप उन्हें अपने समय की विलक्षण महिला क्यों मानते है ?
उत्तर : — रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 1828 के आस-पास बनारस में हुआ | उनके पिता मोरपन्त ताम्बे एक मराठी ब्राम्हण थे | उनकी माँ भागीरथी बाई एक सुसंस्कृत धार्मिक महिला थी | 14 वर्ष की आयु में उनकी शादी झाँसी के महाराज गंगाधर राव के साथ हो गया । कुछ वर्षों के बाद रानी लक्ष्मीबाई ने एक बेटे को जन्म दिया जो कुछ महीनों में चल बसा | 1853 में महाराज गंगाधर राव बीमार पड़े तो उन्होंने अपने दूर के रिश्तेदार के बेटे दामोदर राव को गोद ले लिया | उसके अलगे दिन ही महाराज की मृत्यु गई |

रानी लक्ष्मीबाई एक विलक्षण महिला थी जिसके निम्न प्रमाण है: (i) रानी ने दावा किया कि दामोदर राव उनका वैध उतराधिकारी है । ब्रिटिश राज रानी के इस दावे को ठुकरा दिया और डाक्ट्रिन ऑफ लैप्स संधि के तहत उनके राज्य को अंग्रेजी हुकूमत में मिलाने का फैसला किया ।

(ii) उन्हें झाँसी का किला छोड़ने को कहा गया | जबकि रानी लक्ष्मीबाई झाँसी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध थी | और अंग्रेजों के साथ युद्ध छेड़ दिया ।

(iii) उन्होंने ने एक सेना का निर्माण किया जिसमें महिलाएं एवं पुरुष दोनों थे दो सप्ताह तक अंग्रेजों के साथ युद्ध हुआ जिसमें रानी ने अंग्रेजी सेना का बहुत ही दिलेरी से मुकाबला किया
(vi) जून 1858 में रानी लक्ष्मीबाई की शिकस्त हुई और उन्हें मार दिया गया ।

अतिरिक्त प्रश्नोत्तर:

प्रश्ना: नील उगाने वाले किसानो की क्या समस्याएँ थी
उत्तर : — नील उगाने वाले किसानो की प्रमुख समस्याएँ निम्न थी ।

(1) किसानों को अपनी सारी उपज को मिल मालिको को सौंपने को विवश किया जाता था ।
(2) किसान जमींदारों की भूमि पर नील की खेती करते थे जो जबर्दस्ती उनकी फसल बगान मालिकों को बेंच देते थें ।
(3) अपनी जमीन का किराया चुकाने के लिए बार बार किसानों को बगान मालिकों से कर्ज लेना पडता था ।

प्रश्न2: 1857 ई0 की क्रांति के विफलता के क्या कारण थैं ?

उत्तर: 1857 ई0 की क्रांति के विफलता के निम्न कारण थे ।

(1) भारतीय क्रांतिकारी विभिन्न टुकडों एवं स्थानों पर बँटे हुए थे ।
(2) भारतीय क्रांतिकारीयों के आस अत्याधुनिक हथियारों की कमी थी जबकि ब्रिटिश शासन के पास अत्याधुनिक हथियार और तोपें थी ।

प्रश्न3: 1857 ई0 की क्रांति के मुख्य कारण क्या थे ?

उत्तर : — (1) अंग्रेजों ने पुराने जमींदारों की जमीनें व अधिकार छीन लीए ।
(2) अंग्रेजों ने सहायक व्यवस्था के अंर्तगत भारतीय शासकों से की गई संधिया तोडा | इससे काफी असंतोष बढा ।
(3) डलहौजी की डाक्ट्रीन ऑफ लैप्स की नितियों से झांसी और कई भारतीय शासकों को विद्रोह के लिए प्रेरित किया ।
(4) अंग्रेज अफसर भारतीय सैनिकों को घृणा की दृश्टि से देखते थे । लडाई से लौटने उन्हेंब् भता भी नही मिलता था ।
(5) सैनिकों को अपनी राइफलों में गाय एवं सूअर की चर्बी पाले कारतूस चलाने को कहा गया । इन कारतूसों को चलाने से पहले मुँह से खोलना पडता था । अतः हिन्दू एवं मुसलमान सैनिक भड़क उठे और उन्होंने बगावत कर दी ।

प्रश्न4 1857 ई0 की क्रांति के तत्कालिक कारण क्या थे ?

उत्तर: 1857 ई0 की क्रांति के तत्कालिक कारणों में से प्रमुख कारण था सैनिकों को अपनी राइफलों में गाय एवं सूअर की चर्बी पाले कारतूस चलाने को कहा गया । इन कारतूसों को चलाने से पहले मूँह से खोलना पडता था । अतः हिन्दू एवं मुसलमान सैनिक भड़क उठे और उन्होंने बगावत कर दी ।

प्रश्न : ताइपिंग विद्रोह क्या है ?

उत्तर: 1857 में दक्षिणी चीन में एक विशाल जनविद्रोह हुआ जिसे ताइपिंग विद्रोह के नाम से जाना जाता है । यह विद्रोह हाँग जिकुआंग के नेतृत्व में हजारों मेहनतकश, गरीब लोगों ने परम शांति के स्वर्गिक साम्राज्य की स्थापना के लिए लड़ाई लड़ी | प्रश्न 6: हाँग जिकुआंग कौन था और वह किस बात के खिलाफ था ?

उत्तर: हाँग जिकुआंग एक चीनी नागरिक था जिसने धर्मांतरण करके ईसाई धर्म अपना लिया

था और वह कन्फ्युशियसवाद और बौध आदि परंपरागत चीनी धर्मों के खिलाफ था

प्रश्न : ताइपिंग के विद्रोही कैसे साम्राज्य की स्थापना करना चाहते थे ?
उत्तरः ताइपिंग के विद्रोही एक ऐसे साम्राज्य की स्थापना करना चाहते थे जहाँ ईसाई धर्म को माना जायेगा, जहाँ किसी के पास निजी सम्पति नहीं होगी, जहाँ सामाजिक वर्गों और स्त्री-पुरुष के बीच कोई भेद नहीं होगा, जहाँ अफ़ीम तम्बाकू, शराब के सेवन तथा जुए, वेश्यावृति और गुलामी पर पाबन्दी होगी |

प्रश्न: ताइपिंग विद्रोह को दबाने के लिए किंग साम्राज्य के बादशाह की मदद कहाँ की सेनाओं ने की थी ?

उत्तरः चीन में तैनात अंग्रेज और फ्रांसिसी सेनाओं ने मदद की थी ।


प्रश्न 9 : 1857 के बाद इतिहास का नया चरण शुरू हुआ । अब पहले वाली नीतियों के सहारे अंग्रेजी शासक शासन नहीं चला सकते है उन्हें बदलाव की आवश्यकता थीं । इस कथन की पुष्टि के लिए पाँच बिन्दुएँ लिखिए |

अथवा

प्रश्न 1857 के बाद ब्रिटिश शासन ने भारत में क्या-क्या बदलाव किये ?
उत्तर: 1857 के बाद इतिहास का नया चरण शुरू हुआ और अंग्रेजी शासकों ने अपने शासन प्रणाली में निम्नलिखित बदलाव किये |

(i) अंग्रेज सरकार ने भारत के शासन की जिम्मेवारी सीधे अपने हाथों में ले ली | ब्रिटिश संसद ने ईस्ट इंडिया कंपनी के सारे अधिकार ब्रिटिश साम्राज्य के हाथों में सौंप दिया |
(ii) देश के सभी शासकों को भरोसा दिया गया कि भविष्य में कभी उनके भूक्षेत्र पर कब्ज़ा नहीं किया जायेगा | भारतीय शासकों को ब्रिटिश शासन के अधीन शासन चलाने की छूट दी
(iii) भारतीय सेना में भारतीय सिपाहियों का अनुपात कम करने और यूरोपीय सिपाहियों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया गया । मुसलमानों की जमीन और सम्पति बड़े पैमाने पर जब्त की गई ।

(iv) अंग्रेजों ने फैसला किया कि वे भारत के लोगों के धर्म और सामाजिक रीती-रिवाजों का सम्मान करेंगे |
(v) भूस्वामियों और जमींदारों की रक्षा करने तथा जमीन पर उनके अधिकारों को स्थायित्व देने की नीतियाँ बनाई गयी |

अन्य प्रश्न

प्रश्न 1: अंग्रेजों के कब्जे में जाने वाली आखिरी रियासत कौन सी थी ?

उत्तर : — अवध |

प्रश्न 1: अंग्रेजों ने अवध का विलय किस आधार पर किया ?

उत्तर : — 1801 में अवध पर एक सहायक संधि थोपी गयी और 1856 में अंग्रेजों ने उसे अपने कब्जे में ले लिया । गवर्नर-जनरल डलहौज़ी ने ऐलान कर दिया कि रियासत का शासन ठीक से नहीं चलाया जा रहा है इसलिए शासन को दुरुस्त करने के लिए ब्रिटिश प्रभुत्व जरूरी है । इसी आधार पर अवध का विलय कर लिया गया |

प्रश्न : अंग्रेजों ने मुगल शासन को पूरी तरह ख़त्म करने के लिए क्या किया ?
उत्तर : — — कंपनी ने मुगलों के शासन को खत्म करने की भी पूरी योजना बना ली थी । इसलिए उन्होंने –

(i) कंपनी द्वारा जारी किए गए सिक्कों पर से मुगल बादशाह का नाम हटा दिया गया ।
(ii) 1849 में गवर्नर जनरल डलहौशी ने ऐलान किया कि बहादुर शाह जफ़र की मृत्यु के बाद बादशाह के परिवार को लाल किले से निकाल कर उसे दिल्ली में कहीं और बसाया जाएगा ।
(iii) 1856 में गवर्नर-जनरल कैनिंग ने फैसला किया कि बहादुर शाह जफ़र आखिरी मुग़ल बादशाह होंगे ।
(iv) उनकी मृत्यु के बाद उनके किसी भी वंशज को बादशाह नहीं माना जाएगा । उन्हें केवल राजकुमारों के रूप में मान्यता दी जाएगी ।

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