UP BOARD CLASS 12 SAMANYA HINDI KAVYA KA ITIHAS हिंदी काव्य का इतिहास

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UP BOARD CLASS 12 SAMANYA HINDI KAVYA KA ITIHAS हिंदी काव्य का इतिहास
हिंदी काव्य का इतिहास
 हिंदी काव्य का इतिहास कक्षा 12 

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

  1. काव्य के कितने भेद होते हैं?

उ०- काव्य के दो भेद होते हैं- (i) श्रव्य काव्य, (ii) दृश्य काव्य ।

  1. श्रव्य काव्य के कितने भेद होते हैं?

उ० – श्रव्य काव्य के दो भेद होते हैं- (i) प्रबन्ध काव्य, (ii) मुक्तक काव्य

  1. प्रबन्ध काव्य तथा मुक्तक काव्य में मुख्य अन्तर कौन-सा है ?

उ०- प्रबन्ध काव्य में कोई कथा काव्य का आधार होती है। इसमें किसी क्रिया अथवा घटना का काव्यात्मक वर्न्न्होता है मुक्तक काव्य, काव्य का वह रूप है जिसमें पद तो कई हो सकते हैं, लेकिन प्रत्येक पद स्वयं में पूर्ण होता है ।। उनमें परस्पर सम्बन्ध का होना अनिवार्य नहीं है ।।

4 . महाकाव्य तथा खण्डकाव्य का अन्तर स्पष्ट कीजिए ।।
उत्तर – – महाकाव्य का नाटक उदात्त चरित्र का होता है ।। शान्त, शृंगार व वीर में से कोई रस प्रधान तथा अन्य रस गौण रूप में उपस्थित रहते हैं ।। इसमें कम से कम आठ सर्ग होते हैं ।। खण्डकाव्य किसी लोकनायक के जीवन के किसी एक अंश पर आधारित काव्यात्मक रचना होती है ।।

5 . दो महाकाव्यों के नाम बताइए ।।

उत्तर – – दो महाकाव्य के नाम हैं- (i) श्रीरामचरितमानस्, (ii) पद्मावत ।।

6 . मुक्तककाव्य का एक उदाहरण बताइए ।।
उत्तर – – रीतिकालीन कवि ‘बिहारीलाल’ की ‘बिहारी-सतसई’ मुक्तक काव्य का प्रमुख उदाहरण है ।।

7 . खण्डकाव्य किसे कहते हैं?
उत्तर – – किसी लोकनायक के जीवन के किसी एक अंश पर आधारित काव्यात्मक रचना खण्डकाव्य कहलाती है ।। इसकी रचना महाकाव्य की शैली पर ही होती है ।। WWW.UPBOARDINFO.IN

8 . शब्द-शक्ति किसे कहते हैं? ।।
उत्तर – – शब्द के आन्तरिक अर्थ को स्पष्ट करने वाली शक्ति शब्द-शक्ति कहलाती है ।।

9 . हिन्दी-काव्य-साहित्य के इतिहास के विभिन्न कालों के नाम लिखिए ।।
हिन्दी-काव्य साहित्य के इतिहास के काल के नाम हैं- आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल, आधुनिककाल ।।

10 . आदिकाल के लिए प्रयुक्त विभिन्न नामों में से किन्हीं दो नामों का उल्लेख कीजिए ।।

उत्तर – – आदिकाल को चारणकाल तथा वीरगाथाकाल के नाम से भी जाना जाता है ।।


11 . आदिकालीन दो प्रमुख रचनाओं के नाम लिखिए ।।
उत्तर – – आदिकाल की दो प्रमुख रचनाएँ हैं- (i) पृथ्वीराज रासो, (ii) जयचन्द प्रकाश ।।

12 . वीरगाथाकाल के एक प्रमुख कवि और उनकी एक रचना का नाम लिखिए ।।
उत्तर – – वीरगाथाकाल के प्रमुख कवि चन्द्रवरदाई थे जिनकी रचना पृथ्वीराज रासो है ।।

13 . हिन्दी के प्रथम कविका नाम लिखिए ।।
उत्तर – – आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने ‘चन्द्रवरदाई’ को तथा राहुल सांकृत्यायन ने ‘सरहपा’ को हिन्दी का प्रथम कवि माना है परन्तु सर्वमान्य मत के अनुसार ‘सरहपा’ को हिन्दी का प्रथम कवि माना जाता है ।।

14 . आदिकाल की दो प्रमुख प्रवृत्तियों का उल्लेख कीजिए ।।
या वीरगाथाकालीन काव्य की दो प्रमुख विशेषताएँ बताइए ।।
उत्तर – – (i) युद्धों के सुन्दर व सजीव वर्णन ।। ।।
(ii) आश्रयदाता राजाओं की प्रशंसा ।।

15 . आदिकाल के सिद्ध साहित्य और जैन साहित्य के एक-एक प्रमुख कवि का नाम लिखिए ।।
उत्तर – – आदिकाल के सिद्ध साहित्य के प्रमुख कवि सरहपा है ।। तथा जैन साहित्य के प्रमुख कवि मुनि जिनविजय हैं ।।

16 . आदिकाल के साहित्य को कितने वर्गों में विभाजित किया जा सकता है?
उत्तर – – आदिकाल के साहित्य को पाँच वर्गों में विभाजित किया जाता है
(i) सिद्ध साहित्य, (ii) जैन साहित्य, (iii) नाथ साहित्य, (iv) रासो साहित्य,
(v) लौकिक साहित्य ।। WWW.UPBOARDINFO.IN

17 . जैन साहित्य का सबसे अधिक लोकप्रिय ग्रन्थ कौन-सामाना जाता है?
उत्तर – – जैन साहित्य का सर्वाधिक लोकप्रिय ग्रन्थ ‘रूपरास’ माना जाता है ।।

18 . जैन साहित्य के तीन रास ग्रन्थों और उनके रचयिताओं के नाम लिखिए ।।
उत्तर – – जैन साहित्य के तीन रास ग्रन्थ एवं उनके रचयिता हैं
() मुनि जिनविजय का भरतेश्वर बाहुबली रास (ii) जिन धर्म सूरि का स्थूलभद्र रास
(iii) विजयसेन सूरि का रेवंतगिरी रास

19 . नाथ साहित्य के प्रवर्तक कौन माने जाते हैं?
उत्तर – – नाथ साहित्य के प्रवर्तक गोरखनाथ माने जाते हैं ।।

20 . रासोसाहित्य के दो कवियों व उनकी एक-एक रचना का नाम बताइए ।।
उत्तर – – रासो साहित्य के दो कवि नरपति नाल्ह तथा दलपति विजय हैं ।। जिनकी रचनाएँ क्रमशः बीसलदेव रासो तथा खुमानरासो हैं ।।

21 . ‘पृथ्वीराज रासो’की रचना किस काल में हुई? इसके रचयिता कौन हैं?
उत्तर – – ‘पृथ्वीराज रासो’ की रचना आदिकाल में हुई ।। इसके रचयिता कवि चन्द्रवरदाई है ।।

22 . ‘नरपति नाल्ह’द्वारा रचित रासोसाहित्य से सम्बन्धित रचना कौन-सी है?
उत्तर – – बीसलदेव रासो ।।

23 . भक्तिकाल की सभी मुख्य काव्यधाराओं का परिचय दीजिए ।।
उत्तर – – भक्तिकाल की दो प्रमुख काव्यधाराएँ हैं (i) निर्गुण भक्तिधारा,
(ii) सगुण भक्तिधारा ।।

निर्गु भक्तिधारा की भी दो उपशाखाएँ हैं(i) ज्ञानमार्गी शाखा,
(ii) प्रेममार्गी शाखा ।।
सगुण भक्ति-धारा की भी दो उपशाखाएँ हैं(i) कृष्णभक्ति शाखा,
(ii) रामभक्ति शाखा ।।

24 . भक्तिकाल की कालाविधि बताइए ।।

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उत्तर – – भक्तिकाल की कालावधि सन् 1343 ई० से सन् 1643 ई० तक की मानी जाती है ।।

25 . ज्ञानमार्गी शाखा के दो प्रमुख कवियों के नाम बताइए ।।

उत्तर – – ज्ञानमार्गी शाखा के दो प्रमुख कवियों के नाम हैं- (i) सन्तकबीर, (ii) रैदास ।।

26 . प्रेममार्गी शाखा के दो प्रमुख कवियों के नाम बताइए ।।

उत्तर – – प्रेममार्गी शाखा के दो प्रमुख कवियों के नाम हैं- (i) मलिक मुहम्मद जायसी, (ii) कुतुबन ।।

27 . भक्तिकाल की निर्गुण भक्तिधारा की प्रेममार्गीशाखा के प्रमुख कवि और उनकी रचना का नाम लिखिए ।।

उत्तर – – भक्तिकाल की निर्गुण भक्तिधारा की प्रेममार्गी शाखा के प्रमुख कवि मलिक मुहम्मद जायसी हैं, इनकी प्रमुख रचना पद्मावत है ।।

28 . प्रेममार्गी शाखा के कवियों ने किस भाषा का प्रयोगअपनी रचनाओं में किया है?
उत्तर – – प्रेममार्गी शाखा के कवियों ने अवधी भाषा का प्रयोग अपनी रचनाओं में किया है ।।

29 . प्रेमामार्गी शाखा की प्रमुख प्रवृत्तियाँ बताइए ।।
उत्तर – – (i) सामाजिक रूढ़ियों से मुक्त एवं सौन्दर्य-वृत्ति से प्रेरित स्वच्छन्द प्रेम तथा प्रगाढ़ प्रणय की भावना,
(ii) सांसारिक प्रेम की सहज अनुभूति में आध्यात्मिकता तथा उसकी प्राप्ति के प्रयास में योग-साधना के दर्शन,
(iii) आध्यात्मिकता, दार्शनिकता एवं रहस्यवादिता का आरोपण,
(iv) रहस्यवाद के दर्शन, WWW.UPBOARDINFO.IN
(v) अवधी भाषा एवं मसनवी शैली का प्रयोग ।।

30 . सगुण भक्तिधारा की प्रमुख प्रवृत्तियाँ बताइए ।।
उत्तर – – सगुण भक्तिधारा की प्रमुख प्रवृत्तियाँ निम्नलिखित है
(i) परमात्मा के सगुण रूप की उपासना,
(ii) जीवन की सामान्य भावनाओं- वात्सल्य, सख्य, रति भाव के सभी रूपों की भक्ति में परिणति,
(iii) वैदिक धर्म की पुनः प्रतिष्ठा,
(iv) जीवन की सभी परिस्थितियों के लिए आचार एवं धर्म के मानदण्ड ।।

31 . अवधी भाषा के किसी एक कवि का नाम बताइए ।।
उत्तर – – अवधी भाषा के प्रमुख कवि गोस्वामी तुलसीदास हैं ।।

32 . कृष्णभक्ति शाखा का प्रथम कवि कौन माना जाता है?
उत्तर – – कृष्णभक्ति शाखा का प्रथम कवि विद्यापति को माना जाता है ।।

33 . ‘अष्टछाप’ समूह के कवियों के नाम लिखिए ।।
उत्तर – – ‘अष्टछाप’ समूह के कवियों के नाम हैं- सूरदास, कृष्णदास, कुम्भनदास, छीतस्वामी, चतुर्भुजदास, गोविन्द स्वामी, नन्ददास व परमानन्द दास ।।

34 . कृष्णभक्ति शाखा के किन्हीं तीन सम्प्रदायों के नाम लिखिए ।।
उत्तर – – कृष्णभक्ति शाखा के तीन सम्प्रदाय निम्नलिखित हैं
(i) वल्लभ सम्प्रदाय, (ii) हरिदासी सम्पद्राय, (iii) चैतन्य सम्प्रदाय ।।

35 . सूरदास किस शाखा के प्रसिद्ध कवि थे?
उत्तर – – सूरदास कृष्णभक्ति काव्यधारा के प्रसिद्ध कवि थे ।।

36 . कृष्णभक्ति शाखा की प्रमुख प्रवृत्तियाँ लिखिए ।।
उत्तर – – कृष्णभक्ति शाखा की प्रमुख प्रवृत्तियाँ निम्नलिखित हैं
(i) कृष्ण के बाल और किशोर रूप की आराधना,
(ii) ब्रजभाषा का प्रयोग जिसमें मुक्तक काव्य की प्रचुरता है,
(iii) काव्य में श्रृंगार एवं वात्सल्य रसों की प्रधानता,
(iv) उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, प्रतीप आदि अलंकारों का सर्वाधिक प्रयोग,
(v) जीवन की सभी इच्छाओं का पालनकर्ता श्री कृष्ण को माना गया है ।।

37 . कृष्ण की बाललीला का वर्णन करने वाले दो प्रमुख कवियों के नाम बताइए ।।
उत्तर – – सूरदास एवं कृष्णदास ।।

38 . रामभक्ति शाखा के दो कवियों के नाम बताइए ।।
उत्तर – – गोस्वामी तुलसीदास एवं केशव ।।

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39 . रामभक्ति शाखा के किसी एक कवि द्वारा रचित दो ग्रन्थों के नाम लिखिए ।।
उत्तर – – रामभक्ति शाखा के प्रमुख कवि गोस्वामी तुलसीदास जी है इनके दो प्रमुख ग्रन्थ श्रीरामचरितमानस एवं गीतावली है ।।

40 . तुलसीदास का रचना-काल किस युग में पड़ता है? उनकी सर्वप्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए ।।
या रामचरितमानस’ के रचयिता कौन हैं? यह किस काल की रचना है?
उत्तर – – गोस्वामी तुलसीदास जी भक्तिकाल की सगुण काव्यधारा के प्रमुख कवि है ।। इनकी सर्वप्रथम रचना श्रीरामचरितमानस’ है ।।

41 . रामभक्ति शाखा की दो विशेषताएँ बताइए ।।
उत्तर – – (i) शान्त रस तथा दास्य-भावना की प्रधानता,
(ii) अवधी तथा ब्रजभाषा का प्रयोग, प्रबन्ध और मुक्तक दोनों काव्य शैलियों तथा विविध छंदों का प्रयोग ।।

42 . केशव द्वारा रचित किसी एक रचना का नाम बताइए ।।
उत्तर – – केशव द्वारा रचित प्रमुख रचना का नाम रामचन्द्रिका है ।।

43 . भक्तिकाल को हिन्दी साहित्य का स्वर्ण काल क्यों कहा जाता है?
उत्तर – – भक्तिकाल की विभिन्न विशेषताओं के कारण भक्तिकाल को हिन्दी-काव्य साहित्य का स्वर्ण काल माना जाता है ।।

44 . हिन्दी साहित्य में भक्तिकाल का क्या योगदान रहा?
उत्तर – – हिन्दी साहित्य में भक्तिकाल का प्रमुख योगदान यह रहा है कि भक्त कवियों ने डूबती हुई भारतीय संस्कृति को विनष्ट होने से बचा लिया है ।।

45 . रीतिकाल की प्रमुख प्रवृत्तियाँ बताइए ।।
उत्तर – – रीतिकाल की प्रमुख प्रवृत्तियाँ निम्नलिखित हैं
() रीति निरूपण, (ii) शृंगारिकता की प्रधानता, (iii) भक्ति का पुट, (iv) राजाओं की प्रशंसा,
(v) वीर रस का प्रयोग, (vi) नीति की प्रवृत्ति ।।

46 . रीतिकाल की प्रथम कृति कौन-सी है?
उत्तर – – रीतिकाल की प्रथम कृति नन्ददास की ‘रसमंजरी’ है ।।

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47 . रीतिकालीन कविता की दोनों प्रमुख धाराओं का नाम बताइए ।।
उत्तर – – रीतिकाल की दोनों प्रमख धाराओं के नाम हैं(i) रीतिबद्ध काव्यधारा,
(ii) रीतिमुक्त काव्यधारा ।।

48 . रीतिकाल में वीर रस का प्रमुख कवि कौन था? उसकी एक रचना का नाम बताइए ।।
उत्तर – – कविवर भूषण रीतिकाल में वीर रस के प्रमुख कवि थे ।। उनकी एक रचना छत्रसाल दशक है ।।

49 . रीतिबद्ध काव्यधारा के दो कवियों के नाम उनकी एक-एक रचना सहित बताइए ।।
उत्तर – – रीतिबद्ध काव्यधारा के दो कवि चिन्तामणि एवं केशव है जिसकी रचनाएँ क्रमशः रस विलास एवं कविप्रिया है ।।

50 . रीतिकाल के किन्हीं दो रीतिमुक्त कवियों के नाम लिखिए ।।
उत्तर – – रीतिकाल के दो रीतिमुक्त कवियों के नाम हैं- (i) घनानन्द, (ii) भूषण ।।

51 . बिहारी लाल किस काव्यधारा के कवि हैं?
उत्तर – – बिहारी लाल रीतिमुक्त काव्यधारा के कवि हैं ।।

52 . रीतिकाल की पाँच प्रमुख काव्य कृतियों के नाम बताइए ।।
उत्तर – – रीतिकाल की पाँच प्रमुख काव्य कृतियाँ निम्न हैं
(i) शृंगार मंजरी, (ii) शिवा-बावनी, (iii) रसिक प्रिया, (iv) ललितललाम,
(v) बिहारी सतसई ।। WWW.UPBOARDINFO.IN

53 . रीतिकाल को और किस नाम से पुकारा जाता है?
उत्तर – – रीतिकाल को अलंकृतकाल, श्रृंगारकाल एवं कलाकाल आदि नामों से पुकारा जाता है ।।

54 . रीतिकाल में काव्य-रचना किन छन्दों में की गई है?
उत्तर – – रीतिकाल में दोहा, सवैया, घनाक्षरी एवं कवित्त आदि छन्दों में काव्य-रचना की गई ।।

55 . पुनर्जागरण काल किस युग को मानते हैं? उस युग की एक काव्य कृति का नाम बताइए ।।
भारतेन्द यग को पुनर्जागरण काल मानते हैं ।। भारतेन्द जी की प्रेम-सरोवर इस युग की एक काव्य कति है ।।

56 . भारतेन्दु युग और किन-किन नामों से जाना जाता है?
उत्तर – – भारतेन्दु युग को पुनर्जागरण काल, नई धारा एवं प्रथम उत्थान के नाम से जाना जाता है ।।

57 . भारतेन्दु जी ने किस सभा की स्थापना की? इसका क्या उद्देश्य था?
उत्तर – – भारतेन्दु जी ने कवितावर्धिणी सभा की स्थापना की ।। इसका उद्देश्य हिन्दी काव्यधारा में नवजीवन का संचार करना था ।।

58 . ‘कवि-वचन सुधा’ पत्रिका के सम्पादक कौन थे?
उत्तर – – ‘कवि-वचन सुधा’ पत्रिका के सम्पादक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र जी थे ।।

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59 . भारतेन्दु युग के प्रमुख दो कवियों के नाम लिखिए ।।
उत्तर – – भारतेन्दु युग के दो प्रमुख कवियों के नाम हैं- (i) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, (ii) बदरीनारायण चौधरी ।।

60 . भारतेन्दु जी की दो काव्य रचनाओं के नाम बताइए ।।
उत्तर – – भारतेन्दु जी की दो काव्य रचनाओं के नाम हैं- (i) प्रेम-सरोवर, (ii) प्रेम-माधुरी ।।

61 . द्विवेदी युग की कालावधि बताइए ।।
उत्तर – – द्विवेदी युग की कालावधि सन् 1900 ई० से सन् 1922 तक मानी गई है ।।

62 . द्विवेदी युग का नाम किसके नाम पर रखा गया?
उत्तर – – द्विवेदी युग का नाम आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी जी के नाम पर रखा गया ।।

63 . द्विवेदी युग के दो कवियों के नाम बताइए ।।
उत्तर – – द्विवेदी युग के दो कवियों के नाम हैं- (i) मैथिलीशरण गुप्त, (ii) अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ ।।

64 . द्विवेदी युग की दो विशेषताएँबताइए ।।
उत्तर – – इस युग में कवियों ने ब्रजभाषा के मध्ययुगीन माध्यम को छोड़कर खड़ी बोली के आधुनिक माध्यम को अपनाया,
(ii) परम्परा के जड़ पक्षों को छोड़कर नए क्षेत्रों व विषयों के पक्ष पर अग्रसर होने का आह्वान ।।

65 . मैथिलीशरण गुप्त की दो काव्य रचनाओं के नाम लिखिए ।।
उत्तर – – (i) साकेत, (ii) पंचवटी ।।

66 . द्विवेदी युग के दो महाकाव्यों के नाम बताइए ।।
उत्तर – – द्विवेदी युग के दो महाकाव्यों के नाम हैं- (i) साकेत, (ii) प्रियप्रवास ।।

UP BOARD SOLUTION FOR CLASS 12TH SAMANY HINDI CHAPTER 6 bhasha aur adhunikata भाषा और

67 . द्विवेदीयुगीन काव्यधारा के किन्हीं दो कवियों की दो-दो रचनाओं के नाम बताइए ।।
उत्तर – – मैथिलीशरण गुप्त जी का साकेत एवं पंचवटी तथा अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ जी का प्रियप्रवास एवं पारिजात इस युग की रचनाएँ हैं ।। WWW.UPBOARDINFO.IN

68 . छायावाद की कालावधि बताइए ।।
उत्तर – – छायावाद की कालावधि सन् 1919 ई० से 1938 ई० तक मानी गई है ।।

69 . छायावाद की दो प्रमुख प्रवृत्तियाँ बताइए ।।
उत्तर – – छायावाद की दो प्रमुख प्रवृत्तियाँ निम्नलिखित हैं- (i) स्वच्छन्दकारी काव्य रचनाएँ, (ii) आध्यात्मिकता का संस्पर्श ।।

70 . कामायनी तथा दीपशिखा के रचयिताओं के नाम बताइए ।।
उत्तर – – कामायनी के रचयिता जयशंकर प्रसाद तथा दीपशिखा की रचयिता महोदवी वर्मा हैं ।।

52 . रीतिकाल की पाँच प्रमुख काव्य कृतियों के नाम बताइए ।।
उत्तर – – रीतिकाल की पाँच प्रमुख काव्य कृतियाँ निम्न हैं
(i) शृंगार मंजरी, (ii) शिवा-बावनी, (iii) रसिक प्रिया, (iv) ललितललाम,
(v) बिहारी सतसई ।। WWW.UPBOARDINFO.IN

53 . रीतिकाल को और किस नाम से पुकारा जाता है?
उत्तर – – रीतिकाल को अलंकृतकाल, श्रृंगारकाल एवं कलाकाल आदि नामों से पुकारा जाता है ।।

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54 . रीतिकाल में काव्य-रचना किन छन्दों में की गई है?
उत्तर – – रीतिकाल में दोहा, सवैया, घनाक्षरी एवं कवित्त आदि छन्दों में काव्य-रचना की गई ।।

55 . पुनर्जागरण काल किस युग को मानते हैं? उस युग की एक काव्य कृति का नाम बताइए ।।
भारतेन्द यग को पुनर्जागरण काल मानते हैं ।। भारतेन्द जी की प्रेम-सरोवर इस युग की एक काव्य कति है ।।

56 . भारतेन्दु युग और किन-किन नामों से जाना जाता है?
उत्तर – – भारतेन्दु युग को पुनर्जागरण काल, नई धारा एवं प्रथम उत्थान के नाम से जाना जाता है ।।

57 . भारतेन्दु जी ने किस सभा की स्थापना की? इसका क्या उद्देश्य था?
उत्तर – – भारतेन्दु जी ने कवितावर्धिणी सभा की स्थापना की ।। इसका उद्देश्य हिन्दी काव्यधारा में नवजीवन का संचार करना था ।।

58 . ‘कवि-वचन सुधा’ पत्रिका के सम्पादक कौन थे?
उत्तर – – ‘कवि-वचन सुधा’ पत्रिका के सम्पादक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र जी थे ।।

59 . भारतेन्दु युग के प्रमुख दो कवियों के नाम लिखिए ।।
उत्तर – – भारतेन्दु युग के दो प्रमुख कवियों के नाम हैं- (i) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, (ii) बदरीनारायण चौधरी ।।

60 . भारतेन्दु जी की दो काव्य रचनाओं के नाम बताइए ।।
उत्तर – – भारतेन्दु जी की दो काव्य रचनाओं के नाम हैं- (i) प्रेम-सरोवर, (ii) प्रेम-माधुरी ।।

61 . द्विवेदी युग की कालावधि बताइए ।।
उत्तर – – द्विवेदी युग की कालावधि सन् 1900 ई० से सन् 1922 तक मानी गई है ।।

62 . द्विवेदी युग का नाम किसके नाम पर रखा गया?
उत्तर – – द्विवेदी युग का नाम आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी जी के नाम पर रखा गया ।।

63 . द्विवेदी युग के दो कवियों के नाम बताइए ।।
उत्तर – – द्विवेदी युग के दो कवियों के नाम हैं- (i) मैथिलीशरण गुप्त, (ii) अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ ।।

64 . द्विवेदी युग की दो विशेषताएँबताइए ।।
उत्तर – – () इस युग में कवियों ने ब्रजभाषा के मध्ययुगीन माध्यम को छोड़कर खड़ी बोली के आधुनिक माध्यम को अपनाया,
(ii) परम्परा के जड़ पक्षों को छोड़कर नए क्षेत्रों व विषयों के पक्ष पर अग्रसर होने का आह्वान ।।

65 . मैथिलीशरण गुप्त की दो काव्य रचनाओं के नाम लिखिए ।।
उत्तर – – (i) साकेत, (ii) पंचवटी ।।

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66 . द्विवेदी युग के दो महाकाव्यों के नाम बताइए ।।
उत्तर – – द्विवेदी युग के दो महाकाव्यों के नाम हैं- (i) साकेत, (ii) प्रियप्रवास ।।

67 . द्विवेदीयुगीन काव्यधारा के किन्हीं दो कवियों की दो-दो रचनाओं के नाम बताइए ।।
उत्तर – – मैथिलीशरण गुप्त जी का साकेत एवं पंचवटी तथा अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ जी का प्रियप्रवास एवं पारिजात इस युग की रचनाएँ हैं ।।

68 . छायावाद की कालावधि बताइए ।।
उत्तर – – छायावाद की कालावधि सन् 1919 ई० से 1938 ई० तक मानी गई है ।।

69 . छायावाद की दो प्रमुख प्रवृत्तियाँ बताइए ।।
उत्तर – – छायावाद की दो प्रमुख प्रवृत्तियाँ निम्नलिखित हैं- (i) स्वच्छन्दकारी काव्य रचनाएँ, (ii) आध्यात्मिकता का संस्पर्श ।।

70 . कामायनी तथा दीपशिखा के रचयिताओं के नाम बताइए ।।
उत्तर – – कामायनी के रचयिता जयशंकर प्रसाद तथा दीपशिखा की रचयिता महोदवी वर्मा हैं ।।

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