Up board solution for class 9 hindi pady ka itihas हिंदी पद्य का इतिहास कक्षा 9

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अभ्यास (क) लघु उत्तरीय प्रश्न
1 — हिंदी काव्य के इतिहास को कितने कालों में विभाजित किया गया है?
उत्तर—- हिंदी काव्य के इतिहास को चार कालों में विभाजित किया गया है
(अ) आदिकाल (ब) भक्तिकाल (स) रीतिकाल (द) आधुनिककाल


2 — वीरगाथा काल को चारणकाल क्यों कहते हैं?
उत्तर—- वीरगाथा काल के कवि चारण या भाट थे । इसलिए वीरगाथा काल को चारणकाल भी कहते हैं ।

3 — ‘बीसलदेव रासो’ किसकी रचना है?
उत्तर—- ‘बीसलदेव रासो’ नरपति नाल्ह द्वारा रचित है ।


4 — किस काल को हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है?
उत्तर—- भक्तिकाल को हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है ।

5 — आदिकाल की समय-सीमा क्या है?
उत्तर—- आदिकाल की समय-सीमा सन् 743 से 1343 ई० तक मानी गई है ।


6 — रीतिकाल की भाषा कौन-सी है?

उत्तर—- रीतिकाल की भाषा ब्रजभाषा है ।
7 — आदिकाल में प्रयुक्त प्रमुख रस कौन-सा है?
उत्तर—- आदिकाल में प्रयुक्त प्रमुख रस वीर रस है ।


8 — आदिकाल की कविता का मुख्य विषय क्या है?
उत्तर—- आदिकाल की कविता का मुख्य विषय राजाओं अथवा वीर पुरुषों की वीरता का अतिशयोक्तिपूर्ण वर्णन करना व उनका
यशोगान करना है ।

9 — भक्तिकाल को कितनी शाखाओं में बाँटा गया है? उनके नाम लिखिए ।
उत्तर—- भक्तिकाल को दो शाखाओं में बाँटा गया है । उनके नाम हैं
(अ) निर्गुण शाखा (ब) सगुण शाखा


10 — निर्गुण भक्ति शाखा की दो उपशाखाएँ कौन-सी हैं?
उत्तर—- निर्गुण भक्ति शाखा की दो उपशाखाएँ हैं
(अ) ज्ञानाश्रयी शाखा (ब) प्रेमाश्रयी शाखा


11 — भक्तिकाल के दो प्रमुख कवियों व उनकी रचनाओं के नाम लिखिए ।
उत्तर—- भक्तिकाल के दो प्रमुख कवि व उनकी रचनाएँ हैं
(अ) कबीरदास (बीजक) (ब) सूरदास (सूरसागर)

12 — कबीर निर्गुण भक्ति की किस शाखा के कवि हैं?
उत्तर—- कबीर निर्गुण भक्ति की ज्ञानाश्रयी शाखा के कवि हैं ।

12 — कबीर निर्गुण भक्ति की किस शाखा के कवि हैं?
उत्तर—- कबीर निर्गुण भक्ति की ज्ञानाश्रयी शाखा के कवि हैं ।

13 — ‘पद्मावत’ किस शाखा की रचना है?
उत्तर—- ‘पद्मावत’ निर्गुण प्रेमाश्रयी शाखा की रचना है ।

14 — ‘पृथ्वीराज रासो’ किस काल से संबंधित है?
उत्तर—- ‘पृथ्वीराज रासो’ वीरगाथाकाल से संबंधित है ।

15 — ‘सूर-सारावली’ किस कवि की रचना है?
उत्तर— ‘सूर-सारावली’ सूरदास जी की रचना है ।

16 — भक्तिकाल की समय-सीमा निर्धारित कीजिए ।
उत्तर—- भक्तिकाल की समय-सीमा सन् 1343 ई० से 1643 ई० तक है ।

17 — ‘ललित ललाम’किसकी रचना है?
उत्तर—- ‘ललित ललाम’ मतिराम जी की रचना है ।

18 — तुलसी की प्रमुख रचना कौन-सी है?
उत्तर—- तुलसी की प्रमुख रचना ‘रामचरितमानस’ है ।

19 — रीति ग्रंथ किसे कहते हैं?
उत्तर—- रस, छंद, अलंकार आदि के आधार पर नायक-नायिकाओं के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सृजित रचनाओं को लक्षण ग्रंथ अथवा रीति ग्रंथ कहते हैं ।

20 — रामायण के रचयिता कौन हैं तथा यह किस भाषा में रचित है?
उत्तर—- रामायण के रचयिता कवि वाल्मीकि हैं तथा यह संस्कृत भाषा में रचित है ।

21 — ‘अष्टछाप’ के कवियों के नाम बताइए ।
उत्तर—- कृष्णदास, कुम्भनदास, छीतस्वामी, चतुर्भुजदास, गोविंद स्वामी, नंददास, परमानंद दास व सूरदास अष्टछाप के कवि थे ।

22 — कृष्णाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि का नाम लिखिए ।
उत्तर—- कृष्णाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि सूरदास हैं ।

23 — राम भक्ति काव्य की रचना किन भाषाओं में हई?
उत्तर—- राम भक्ति काव्य की रचना अवधी एवं ब्रजभाषा में हुई है ।


24 — आधुनिक काल को किन अन्य नामों से जाना जाता है?
उत्तर—- आधुनिक काल को गद्यकाल, नवीन विकास का काल, पुनर्जागरण काल आदि नामों से जाना जाता है ।

25 — छायावाद के चार प्रमुख कवियों के नाम बताइए ।
उत्तर—- छायावाद के चार प्रमुख कवि जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत, सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला’ तथा महादेवी वर्मा हैं ।

26 — किसी एक रीतिमुक्त कवि व उसकी रचना का नाम बताइए ।
उत्तर—- रीतिमुक्त कवि ‘बिहारी’ व उनकी रचना ‘बिहारी सतसई’ है ।

27 — आधुनिक काल को किन युगों में विभाजित किया गया है?
उत्तर—- आधुनिक काल को भारतेंदु, द्विवेदी, छायावाद, प्रगतिवादी, प्रयोगवादी एवं नई कविता के युगों में विभाजित किया गया है ।

28 — ‘नई कविता’ से क्या आशय है?
उत्तर—- ‘नई कविता’ प्रयोगवादी धारा का विकसित रूप थी जो किसी भी बंधन से नहीं बँधी थी । वह वास्तविकता की नवीन
कलात्मकता के द्वारा अभिव्यक्ति में सक्षम रही ।

(ख) लघु उत्तरीय प्रश्न
1 — आदिकाल (वीरगाथा काल )की पाँच प्रमुख विशेषताएँ लिखिए ।
उत्तर—- आदिकाल (वीरगाथा काल) की पाँच प्रमुख विशेषताएँ हैं
(अ) आश्रयदाताओं की प्रशंसा
(ब) सामूहिक राष्ट्रीयता की भावना का अभाव
(स) युद्धों के सुंदर और सजीव वर्णन
(द) वीर रस के साथ शृंगार रस का भी वर्णन
(य) ऐतिहासिक वृत्तों में कल्पना का प्राचुर्य


2 — भक्तिकाल को हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है, कारण स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर—- भक्तिकाल में कबीर, जायसी, सूर एवं तुलसी जैसे प्रसिद्ध कवियों की दिव्य वाणी देश में सर्वत्र छा गई । भक्तिकाल भाव, भाषा, शिल्प आदि सभी दृष्टियों से अन्य कालों की अपेक्षा अधिक श्रेष्ठ था । इस युग के कवियों ने अपने काव्य में सुधारवाद, अध्यात्मवाद, गुरु महिमा एवं ईश्वर महत्व को बड़ी ही स्पष्टता एवं मार्मिकता से प्रस्तुत किया है । भावपक्ष एवं कलापक्ष की दृष्टि से भी इस युग का काव्य उच्चकोटि का है । इन्हीं कारणों से भक्तिकाल को हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है ।

3 — भक्तिकाल की विभिन्न शाखाओं के नाम लिखिए ।
उत्तर—- भक्तिकाल में (क) निर्गुण शाखा एवं (ख) सगुण शाखा – दो प्रकार की शाखाएँ मिलती हैं । निर्गुण भक्ति शाखा
ज्ञानश्रयी शाखा एवं प्रेमाश्रयी शाखा तथा सगुण भक्ति शाखा रामाश्रयी शाखा एवं कृष्णाश्रयी शाखा आदि दो-दो
उपशाखाओं में विभाजित हैं । ।

4 — भक्तिकाल में भक्ति भावना किन रूपों में प्रकट हुई? स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर—- भक्तिकाल में भक्ति भावना निर्गुण भक्ति भावना एवं सगुण भक्ति भावना के रूप में प्रकट हुई ।
निर्गुण शाखा- निर्गुण शाखा में ब्रह्मा (ईश्वर) के निराकार स्वरूप की उपासना की गई है । इसकी दो उपशाखाएँ हैंज्ञानाश्रयी शाखा और प्रेमाश्रयी शाखा । ज्ञानाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि कबीरदास हैं । अन्य प्रसिद्ध कवियों में संत रैदास, नानक, दादू, मलूकदास, धर्मदास और सुंदरदास हैं । इन भक्तों ने साधना के सहज मार्ग को अपनाया तथा जाति-पाँति, तीर्थ-व्रत आदि बाह्याडम्बरों का विरोध किया । इस शाखा की प्रेमाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि मलिक मुहम्मद जायसी हैं । इस शाखा के कवियों ने लौकिक प्रेम के आधार पर अलौकिक प्रेम की व्यंजना की है । सगुण शाखा- भक्तिकालीन काव्य की जिस धारा में सगुण परमात्मा के प्रति भक्तिभाव की अभिव्यक्ति हुई है, उसे सगुण काव्यधारा कहा जाता है । इसकी दो उपशाखाएँ हैं- रामाश्रयी शाखा और कृष्णाश्रयी शाखा । रामाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि तुलसीदास जी हैं । इस शाखा में राम का लोकोपकारी रूप स्पष्ट हुआ है । कृष्णाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि सूरदास जी हैं । इस शाखा के सभी कवियों ने श्रीकृष्ण के बाल और किशोर जीवन की अनेक लीलाओं का चित्रण किया


5 — ज्ञानाश्रयी शाखा का परिचय दीजिए ।
उत्तर—- ज्ञानाश्रयी शाखा भक्तिकालीन निर्गुण काव्यधारा की एक शाखा है । इस शाखा के काव्य में साधना एवं ज्ञान की श्रेष्ठता का भाव अभिव्यक्त हुआ है । इस शाखा के प्रमुख कवि कबीरदास हैं तथा उनका प्रमुख ग्रंथ ‘बीजक’ है । इनकी भाषा ‘सधुक्कड़ी व ‘पंचमेल खिचड़ी’ है । दादू, मलूकदास, संत रविदास (रैदास), धर्मदास, सुंदरदास व नानक इस शाखा के अन्य कवि हैं, जिन्होंने निराकार ईश्वर की उपासना करते हुए गुरु महिमा का वर्णन किया है ।

6 — महाकाव्य किसे कहते हैं?
उत्तर—- महाकाव्य में जीवन का व्यापक रूप में चित्रण होता है । इसकी कथा इतिहास-प्रसिद्ध होती है । इसका नायक उदात और महान् चरित्र वाला होता है । इसमें वीर, श्रृंगार और शांत रस में से कोई एक रस प्रधान तथा शेष रस गौण होते हैं । महाकाव्य सर्ग में विभाजित होता है तथा इसमें कम-से-कम आठ सर्ग होते हैं । इसकी कथा में धारावाहिक तथा हृदय को भावविभोर करने वाले मार्मिक प्रसंगों का समावेश भी होना चाहिए ।
आधुनिक युग के महाकाव्यों के स्वरूप में प्राचीन प्रतिमानों की तुलना में परिवर्तन हुए हैं । हिंदी के कुछ प्रसिद्ध महाकाव्य हैं- ‘पद्मावत’, ‘श्रीरामचरितमानस’, ‘साकेत’, ‘प्रियप्रवास’, ‘कामायनी’, ‘उर्वशी’, ‘लोकायतन’ आदि ।

7 — प्रयोगवादी कविता की मुख्य विशेषताएं क्या है?
उत्तर—- घोर वैयक्तिकता, अति यर्थाथवादी दृष्टिकोण, कुंठा और निराशा के स्वर, गहन बौद्धिकता, भदेस (अनगढ़, विरूप) का
चित्रण, विद्रोह का स्वर, व्यंग्य तथा कटूक्ति प्रयोगवादी कविता की प्रमुख विशेषताएँ हैं ।

(ग) वस्तुनिष्ठ प्रश्न
1 — ‘बिहारी’किस काल के कवि हैं?
(अ) आदिकाल (ब) रीतिकाल (स) भक्तिकाल (द) आधुनिक काल
उत्तर—(ब) रीतिकाल

2 — ‘बिहारी सतसई’है
(अ) महाकाव्य (ब) खंडकाव्य (स) मुक्तककाव्य (द) प्रबंध काव्य
उत्तर—(स) मुक्तककाव्य

3 — ‘बीजक’के रचयिता हैं
(अ) रत्नाकर (ब) हरिऔध (स) बिहारीलाल (द) कबीरदास
उत्तर—(द) कबीरदास

4 — ‘कामायनी’ काव्य साहित्य की किस विधा से संबंधित है?
(अ) खंडकाव्य (ब) गीतिकाव्य (स) पद (द) महाकाव्य
उत्तर—(द) महाकाव्य

5 — सन 743 ई० से सन 1343 ई0 तक की अवधि किस काल से संबंधित है?
(अ) रीतिकाल (ब) भक्तिकाल (स) आधुनिक काल (द) आदिकाल
उत्तर—(द) आदिकाल

6 — ‘सूरसागर’ के रचयिता हैं
(अ) तुलसीदास (ब) बिहारीलाल (स) भूषण (द) सूरदास
उत्तर—(द) सूरदास

7 — ‘पद्मावत’ के रचयिता हैं
(अ) सूरदास (ब) जायसी (स) गुप्त (द) हरिऔध
उत्तर—(ब) जायसी

8 — रामाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि हैं
(अ) तुलसीदास (ब) भारतेंदु हरिश्चंद्र (स) केशवदास (द) अग्रदास
उत्तर—(अ) तुलसीदास

9 — रीतिकाल में वीर रस की कविता लिखने वाले प्रमुख कवि हैं
(अ) बिहारी (ब) भूषण (स) महादेवी वर्मा (द) अज्ञेय
उत्तर—(ब) भूषण

10 — सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित महाकाव्य है
(अ) लोकायतन (ब) श्रीरामचरितमानस (स) साकेत (द) कुरुक्षेत्र
उत्तर—(अ) लोकायतन

11 — ‘अष्टछाप’ के कवियों में से एक कवि हैं
(अ) मीराबाई (ब) सूरदास (स) रसखान (द) भारतेंदु हरिश्चंद्र
उत्तर—(ब) सूरदास

12 — ज्ञानाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि हैं
(अ) तुलसीदास (ब) कबीरदास स) नाभादास
उत्तर— कबीरदास

13 — ‘पद्मावत’ किस भाषा में लिखा गया है?
(अ) ब्रज (ब) मैथिली (स) अवधी
उत्तर—(स) अवधी

14 — ‘झरना’ किसकी रचना है?
(अ) दिनकर (ब) जयशंकर प्रसाद (स) महादेवी वर्मा
उत्तर—जयशंकर प्रसाद

15 — ‘प्रयोगवाद’ के प्रवर्तक हैं
(अ) भूषण (स) रहीम (ब) अज्ञेय
उत्तर—(ब) अज्ञेय

16 — ‘चिदंबरा’ के रचयिता हैं
(अ) कबीरदास (स) सुमित्रानंदन पंत
उत्तर—(स) सुमित्रानंदन पंत

17 — अज्ञेय जी ने तार सप्तक’ का संपादन किया
(अ) सन् 1935 ई० में (स) सन् 1943 ई० में
उत्तर—(स) सन् 1943 ई० में

18 — नई कविता का प्रकाशन वर्ष माना गया है
(अ) 1945 ई० (ब) 1951 ई० (स) सन् 196०
उत्तर— 1960

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